नेरवा (रोहड़ू)। बीते एक सप्ताह से जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। नेरवा में गातु-खांनटी, मुंडा धार, लिंगाली आदि जंगलों में जगह-जगह आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जब तक वन विभाग के कर्मचारी स्थानीय लोगों के सहयोग से एक जगह आग बुझाने का प्रयास करते, दूसरी जगह आग की घटना सामने आ जाती है। कुछ शरारती तत्वों की वजह से वन संपदा तबाह हो रही है। वहीं, जंगलों में आग लगने की कुछ घटनाओं में लोगों के सेब के बगीचे भी चपेट में आ रहे हैं। साथ ही वातावरण में फैले धुएं से सांस के मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं। जंगलों में वन्य जीव भी आग चपेट में आ रहे हैं। वन मंडलाधिकारी जंगवीर दुलटा ने बताया कि विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। आग लगने की सूचना मिलते ही जल्दी उस पर काबू पाया जा जा रहा है। कुछ लोगों को भ्रम है कि आग लगाने से घास की पैदावार बढ़ जाती है, जबकि यह तथ्यों के विपरीत है। कुछ लोग उन स्थानों पर आग लगाते हैँ, जहां विभाग ने पौधरोपण किया है। ऐसे स्थानों पर आग लगाने से पशुओं को चारे की कमी हो जाएगी। जंगवीर दुलटा ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वन विभाग की ऐसे लोगों पर नजर है।बीते दिनों आग लगाते एक व्यक्ति को काबू कर उसके विरुद्ध नेरवा थाने में मामला दर्ज किया है। ऐसे हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।