ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम : मनोज
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। 26 से 28 जुलाई तक नेपाल के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अपने भारत दौरे के मद्देनजर भारत की सबसे बड़ी भूमिगत जलविद्युत परियोजना नाथपा झाकड़ी का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य सहयोग के अवसरों का पता लगाना और इस सुविधा में उपयोग की जाने वाली उन्नत जलविद्युत प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकारी प्राप्त करना था।
प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख मनोज कुमार ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान एसजेवीएन की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। प्यारीलाल शाही के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल में नेपाल के विभिन्न ग्राम नगर पालिकाओं के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस दौरे का उद्देश्य जलविद्युत क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाना, परियोजना प्रबंधन और प्रौद्योगिकी में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना रहा। प्रतिनिधिमंडल ने बांध, भूमिगत पावर हाउस और नियंत्रण कक्ष सहित पावर स्टेशन की प्रमुख सुविधाओं का दौरा किया। उन्हें इष्टतम प्रदर्शन सुनिश्चित करने और न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए अपनाए गए नवोन्मेषी उपायों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने पावर हाउस में हुए विभिन्न अभियांत्रिकी का अवलोकन किया और सराहना भी की। चर्चा में जलाशय प्रबंधन, तलछट प्रबंधन और आपदा शमन रणनीतियों जैसे विषयों को भी शामिल किया गया।
वहीं, कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख मनोज कुमार ने कहा कि अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के कुशल नेतृत्व में हम अपनी विशेषज्ञता को साझा करने और भविष्य की परियोजनाओं पर सहयोग करने के लिए तत्पर हैं। हमारे देशों के बीच ऊर्जा संबंधों को मजबूत करना न केवल हमारी अर्थव्यवस्थाओं के लिए, बल्कि क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी फायदेमंद होगा। प्रतिनिधिमंडल ने झाकड़ी में सेब के बगीचों का भी भ्रमण किया और प्राकृतिक सौंदर्य से अचंभित हुए। नाशपाती, प्लम और अनार से संबंधित जानकारी हासिल की। बागवानी विभाग रामपुर से आए विशेषज्ञों ने विशेष सत्र के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बागवानी तकनीक की जानकारी प्रतिनिधिमंडल से साझा की।
वहीं, नेपाल के प्रतिनिधिमंडल ने एसजेवीएन अधिकारियों को नेपाल आने और जलविद्युत क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए आमंत्रित भी किया। यह दौरा नेपाल और भारत के बीच ऊर्जा साझेदारी को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नेपाल की विशाल जलविद्युत क्षमता और भारत की उन्नत प्रौद्योगिकी क्षमताओं के साथ दोनों देशों को इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में बढ़े हुए सहयोग से लाभ मिलेगा।