पशु चिकित्सालय और औषधालय में कई साल से पद रिक्त, कई में लटके ताले
चेताया-जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सरकार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के दुर्गम पशु चिकित्सालय और औषधालय में ताले लटके हुए हैं। कई संस्थानों में न चिकित्सक हैं और न ही फार्मासिस्ट हैं। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के हवाले औषधालय हैं। इससे हजारों पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा नेता कौल सिंह ने रामपुर उपमंडल में ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को पेश आ रही समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से खाली पदों से क्षेत्र के पशुपालक भारी परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं। सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। मुख्यमंत्री एक तरफ तो कहते है कि सरकार पशुपालकों और पशुधन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन आज हालत यह है कि सर्दी के मौसम में लावारिस पशु खुलेआम सड़कों में घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सालय और औषधालय में स्टाफ की कमी चल रही है। समय पर पशुओं को उपचार नहीं मिल रहा है। गाय को समय पर कृत्रिम गर्भाधान के टीके उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे पशुधन खराब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गाय अधिकांश लोगों के आय का एक मुख्य साधन है। लोग दूध बेचकर अपना घर चलाते हैं। अपनी जरूरतों को पूरा करते हैं, लेकिन आज उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। सरकार का इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार से पशु, औषधालय और चिकित्सालय में जल्द कृत्रिम गर्भाधन के टीके मुहैया करवाने समेत रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग उठाई है। यदि सरकार मांगों को अनसुना करती है, तो आने वाले समय में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।