आनी(कुल्लू)। प्रदेश सरकार की ओर से डेयरी क्षेत्र में उठाए जा रहे कदम सराहनीय हैं और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है। युवा कांग्रेस नेता दिलीप जोशी ने इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि आनी और निरमंड क्षेत्र में मिल्क फेडरेशन की इकाई दत्तनगर की ओर से एनडीडीबी से आए विशेषज्ञों ने आनी में एक दिवसीय दुग्ध उत्पादक प्रशिक्षण शिविर लगाया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पशुपालकों ने भाग लेकर लाभ प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करना था ताकि दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता, मात्रा में वृद्धि हो सके और उनकी आय में इजाफा हो। जोशी ने विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को सराहते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं डेयरी कार्यों की रीढ़ बन चुकी हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार भविष्य में भी समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए वचनबद्ध है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके और अधिक से अधिक किसान इनका लाभ उठा सकें। युवा नेता ने हिमाचल प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच हुए समझौता ज्ञापन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को समय पर और उचित मूल्य प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि मिल्कफेड ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती के लिए कार्य कर रही है, जबकि विपक्ष इसमें राजनीति कर रहा है।