केवीके में प्राकृतिक खेती का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, 30 महिला किसान हुईं प्रशिक्षित। संवाद
केवीके रोहड़ू में 30 महिला किसानों को दिया प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण
कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक खेती पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में प्राकृतिक खेती पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में 30 महिला किसानों ने भाग लिया। उन्होंने प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांत, महत्व और लाभों की जानकारी दी गई। उन्हें जीवामृत, घन जीवामृत और पौध लेप बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिला। महिला किसानों ने सेब के बगीचे में पत्तागोभी की रोपाई कर प्राकृतिक खेती की तकनीकों का अभ्यास किया। कार्यक्रम में किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मधुमक्खी पालन पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। सनी चौहान ने किसानों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भी मार्गदर्शन किया। आत्मा (बीटीएम) और सेवानिवृत्त उद्यान विकास अधिकारी आगर दास ने भी विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। प्रशिक्षण का समन्वयन शिखा भगत ने किया। समापन अवसर पर सभी महिला किसानों ने अपने खेतों में प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया। उन्होंने अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने की बात कही। केवीके शिमला की प्रभारी उषा शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य में सुधार का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने किसानों से टिकाऊ और लाभकारी कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।