रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर की मासिक बैठक में कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने खूब हंगामा किया। नप के नौ पार्षदों में से कांग्रेस समर्थित सात पार्षदों ने आरोप लगाया कि नप अधिकारी भाजपा सरकार के दबाव में कार्य कर रहे हैं, जबकि उनके वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नप क्षेत्र में कई कार्य ऐसे हो रहे हैं, जिसके बारे में न तो सदन में कोई चर्चा हुई और न ही इस बारे में किसी पार्षद को सूचित किया जा रहा है। पार्षदों ने कार्यों के टेंडर गुपचुप तरीके से लगाने के भी आरोप जड़े।
शुक्रवार को नगर परिषद रामपुर की मासिक बैठक अध्यक्ष प्रीति कश्यप की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने कहा कि एक ओर नगर परिषद के अधिकारी बजट न होने का रोना रो रहे हैं, वहीं शहर के हनुमान घाट मंदिर के पास एक बड़ा डंगा बिना चर्चा के बनाया जा रहा है और भाजपा समर्पित पार्षद को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वार्ड नंबर पांच के पार्षद ने आरोप लगाया कि नगर परिषद में चुपचाप तरीके से टेंडर लग रहे हैं और कांग्रेस समर्थित पार्षदों के वार्डोें में कोई काम नहीं किया जा रहा। भाजपा समर्थित पार्षद के वार्ड में गुपचुप तरीके से काम किए जा रहे हैं। बैठक में बुशहर मार्केट के साथ अवैध रूप से दुकान तैयार करने का मुद्दा भी गरमाया। नगर परिषद ने संबंधित व्यक्ति को छह घंटे के भीतर निर्माण तोड़ने के आदेश दिए थे, लेकिन उक्त व्यक्ति को जानबूझ कर अतिरिक्त समय दिया गया। अध्यक्ष प्रीति कश्यप ने बताया कि उन्होंने कार्यकारी अधिकारी को 6 घंटे के भीतर कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं शहर के वार्ड नंबर चार में बनने वाले बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर की जगह एक पार्षद को लाभ देने के लिए इस परिसर को पार्क में तब्दील करने के भी आरोप लगे। इसके अतिरिक्त शहर में वाटर कूलरों के कनेक्शन काटे जाने, ल्हासा में अवैध रूप से दुकान खोलने, बिजली की नंगी तारें और दुकानों की सबलेटिंग जैसे कई मुद्दे बैठक में गरमाए।
इस मौके पर नप उपाध्यक्ष अश्वनी नेगी, प्रदीप, विशेषर लाल, स्वाति बंसल, रोहिताशव, कांता देवी, गोविंद और मुस्कान सहित नप के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
उधर, कार्यकारी अधिकारी हरि शर्मा ने बताया कि बिना सूचना के टेंडर लगाने के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे निराधार हैं। नगर परिषद क्षेत्र में हो रहे कार्यों को पहले सदन रखा जाता है, उसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाती है। वार्ड नंबर 4 में हो रहे कार्य का नगर परिषद से कोई संबंध नहीं है। यह कार्य निजी लोगों द्वारा करवाया जा रहा है।
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वार्ड चार में बने व्यावसायिक परिसर
नगर परिषद की बैठक के दौरान वार्ड नंबर चार के कुछ व्यापारी भी पहुंचे और उन्होंने यहां पर दुकानों की जगह पार्क निर्माण करने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कई वर्ष पूर्व नगर परिषद ने उन्हें दुकानें देने के एवज में तीन-तीन लाख रुपये वसूले थे, लेकिन अब तक दुकानें नहीं मिल पाई हैं। इन व्यापारियों ने नगर परिषद से छह माह के भीतर दुकानें बनाकर देने की मांग की।