कई माह बाद भी नप क्षेत्र में 32 कार्य नहीं हो पाए शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। पिछले साल भारी बरसात के कारण नगर परिषद रामपुर के सभी नौ वार्डों में भारी नुकसान हुआ था। नुकसान की भरपाई के लिए नगर परिषद ने कार्य तो शुरू किए, लेकिन ठेकेदारों की लेटलतीफी और ढीली गति के कारण नप क्षेत्र में व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। ऐसे में अब नगर परिषद ने निर्णय लिया है कि समय पर काम पूरा न करने वाले ठेकेदारों से कार्य वापस लिए जाएंगे। जल्द ही नप अधिकारी ठेकेदारों के साथ बैठक करेंगे और कार्य में देरी बरत रहे ठेकेदारों के कार्य सरेंडर करने के निर्देश देंगे।
बताते चलें कि नगर परिषद रामपुर के नौ वार्डों में विकास और राहत कार्यों के लिए कार्य चलाए गए हैं। विभिन्न वार्डों में चल रहे 63 कार्यों में से 32 कार्य बीते दो से तीन महीने पूर्व आवंटित किए गए थे, लेकिन ये कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। ऐसे में नगर परिषद इन कार्यों को शुरू न करने को लेकर कार्रवाई करने वाली है। ऐसे ठेकेदार जो कार्य शुरू नहीं कर रहे, उनसे कार्य वापस लिया जाएगा। नगर परिषद ने सवाल किया है कि आखिर ठेकेदार काम शुरू क्यों नहीं कर पा रहे हैं। शिकायत यह भी आ रही थी कि एक ही ठेकेदार ने जरूरत से ज्यादा टेंडर ले रखे हैं। ऐसे में वो एक साथ सभी काम नहीं कर पा रहे हैं। बीते दिनों नप की बैठक में विभिन्न वार्डों में विकासात्मक कार्यों को लेकर चर्चा की गई, तो पाया कि ऐसे 32 काम हैं, जो अभी तक शुरू ही नहीं हो पाए हैं। पार्षदों ने भी इस पर ऐतराज जताया है कि जिन काम के टेंडर हो चुके हैं, वो समय पर पूरे किए जाने चाहिए। जल्द ही नगर परिषद की ओर से ठेकेदारों के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी और ठेकेदारों को आ रही समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। साथ ही इन ठेकेदारों को सौंपे गए कार्यों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
मात्र डेढ़ वर्ष का रहा नगर परिषद का कार्यकाल
उल्लेखनीय है कि करीब एक वर्ष बाद नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की तैनाती हुई है। नगर परिषद का कार्यकाल अब मात्र डेढ़ वर्ष का रह गया है। ऐसे में सभी वार्डों से चुनकर आए पार्षदों को अपने वार्डों के विकास कार्य समय रहने पूरे करने हैं। एक वर्ष बाद अब अध्यक्ष उपाध्यक्ष की तैनाती होने से विकास कार्यों को पूरा करने की हरी झंडी मिली है।
ठेकेदारों से पूछा जाएगा कारण
बीते लंबे समय से नप क्षेत्र के 32 कार्य शुरू नहीं हो पा रहे। इसको लेकर जल्द ही काम लेने वाले ठेकेदारों के साथ बैठक की जाएगी। इस बैठक में उनसे कार्य शुरू न करने का कारण पूछा जाएगा। यदि नप ठेकेदार के जवाब से संतुष्ट नहीं होती तो इन ठेकेदारों को काम सरेंडर करना होगा। विकास कार्यों को समय रहते पूरा किया जाना चाहिए।
- बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद रामपुर