शहर की कई नालियों की वर्षों से नहीं हुई सफाई, नालियों में जमा पानी दे रहा कई बीमारियों को न्योता
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सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। बरसात में बीमारियों से निपटने के लिए योजनाओं का खाका तो तैयार किया जाता है, लेकिन धरातल पर बीमारियों और संक्रमण से निपटने के लिए ठोस पहल नहीं हो पाती। इसी का नतीजा है कि रामपुर शहर डेंगू रोग की चपेट में आ गया है। इसके लिए नगर परिषद की सफाई व्यवस्था भी जिम्मेवार है। शहर में कई ऐसी नालियां हैं, जिनमें रोजाना पानी तो बहता है, लेकिन इस पानी की निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण डेंगू समेत अन्य जल जनित रोगों के फैलने का खतरा है।
नगर परिषद रामपुर में डेंगू ने अपने पांव पसार लिए हैं। एक सप्ताह से अस्पतालों में डेंगू के मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। इनमें से कई पॉजीटिव पाए गए हैं, जबकि निगेटिव आने वाले लोगों में भी डेंगू रोग जैसे ही लक्षण पाए जा रहे हैं। वहीं, शहर में डेंगू रोग फैलने के लिए नगर परिषद की सफाई व्यवस्था भी कुछ हद तक जिम्मेवार है। शहर के बीचोंबीच पुराने बस अड्डे से लेकर एसडीएम कार्यालय तक एनएच-पांच के किनारे बनी निकासी नालियों की कई वर्षों से सफाई नहीं हो पाई है। यहां चौधरी अड्डे से लेकर एसडीएम कार्यालय तक निकासी नाली में पानी ठहर जाता है, जबकि इसके ऊपर नप ने लोगों को चलने के लिए लोहे की शीटें लगाई है। करीब दो सौ मीटर के दायरे वाली इस निकासी नाली में पानी भरा रहता है। इससे जलजनित रोग फैलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। बात करें सफाई की, तो कोरोना काल में अग्निशमन विभाग के दल ने फायर ब्रिगेड की मदद से इस नाली की सफाई की। उसके बाद इस नाली की सफाई की कोई सुध नहीं ली गई। इसके अलावा शहर के विभिन्न स्थानों में नालियों में पानी जमा होता है, जिसको लेकर नगर परिषद मूकदर्शक बना हुआ है। बात करें मुख्य शहर की तो शहर में बनी निकासी नालियों पर अतिक्रमण हुआ है। इस कारण इन नालियों की सफाई करना मुश्किल हो रहा है।
शहर में कीटनाशक का छिड़काव किया
शहर में कीटनाशक का छिड़काव किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर किया जा रहा है। नगर परिषद ने फॉगिंग मशीन भी मंगवा ली है। - बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद रामपुर
-संवाद