ग्राउंड रिपोर्ट - वर्ष 2023 के बाद से 15 फीट तक धंस गई सड़क, बड़े वाहनों की आवाजाही बंद
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स्कूल मैदान समेत कई घरों को बना खतरा, रामपुर-रोहड़ू वाया भद्राश सड़क पर आ रहा पहाड़ से मलबा
सुभाष सेन रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के सीमांत क्षेत्र की दो पंचायतों समेत रोहड़ू जाने वाले लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रामपुर-रोहड़ू सड़क पर नरैण में जमीन का बड़ा हिस्सा लगातार धंस रहा है, जिससे सड़क के ध्वस्त होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में रामपुर से रोहड़ू क्षेत्र को जोड़ने वाली रामपुर वाया तकलेच सड़क कभी भी कट सकती है। इस स्थान पर सड़क का करीब 50 मीटर लंबा हिस्सा 15 फीट तक धंस चुका है। इस मार्ग से बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। छोटे वाहन खतरों के साये में सफर कर रहे हैं। इसके अलावा नरैण पंचायत में जमीन धंसने से राजकीय स्कूल के मैदान और चार घर भी खतरे की जद में हैं। वर्ष 2023 को बरसात के दौरान नरैण पंचायत में भूमि धंसने की समस्या शुरू हुई थी। यहां जमीन का काफी बड़ा हिस्सा भूसस्खल की जद में आ गया है। क्षेत्र की इस मुख्य सड़क से रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं। क्षेत्र के हजारों बागवानों की नकदी फसल भी इसी सड़क से मंडी भेजी जाती है। तीन साल से वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नरैण के खेल मैदान से लेकर रामपुर-रोहड़ू वाया भद्राश सड़क के कुरनू तक पहाड़ का बड़ा हिस्सा लगातार धंस रहा है। नरैण सड़क के नीचे से हो रहा भूस्खलन का मलबा कई मीटर नीचे कुरनू सड़क को लगातार बाधित कर रहा है। सड़क पर यातायात को सुचारु रखना लोक निर्माण विभाग के लिए चुनौतियों भरा बना हुआ है। विभाग केवल सीमित दायरे तक ही सड़क को बहाल करने का प्रयास कर सकता है। यहां स्थानीय जमीन मालिक, वन विभाग और भू संरक्षण विभाग को कार्य करने की जरूरत है। लगातार जमीन धंसने से स्कूल मैदान सहित प्रभावित क्षेत्र के चार मकानों को भी खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते भूस्खलन रोकने के उचित बंदोबस्त नहीं किए जाते हैं, तो यहां कभी भी सड़क का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो जाएगा।
सेब सीजन में दो पंचायतों के बागवानों को झेलनी पड़ी दिक्कतें
नरैण में बरसात के दौरान सड़क धंसने के कारण बागवानों को सेब सीजन में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। यहां सड़क के 50 मीटर हिस्से पर बड़ी दरारें पड़ गईं। बागवानों को छोटे वाहनों से अपना सेब मंडी भेजना पड़ा। भूस्खलन की चपेट में आई सड़क से बागवानों को मजदूरों के सहारे अपनी फसल बाहर निकालनी पड़ी। इससे बागवानों को आर्थिक मार झेलनी पड़ी। नरैण पंचायत प्रधान शिव राम, उप प्रधान अविनाश कायथ, ललित कायथ, प्रताप चौहान, रोहित, सतवीर कायथ, रविराज कायथ, सुनील देष्टा, राजेंद्र देष्टा और महेंद्र चौहान ने कहा कि नरैण में कई साल से भूमि धंस रही है। सुरक्षा के लिहाज से आज दिन तक कोई ठोस इंतजाम नहीं हो पाए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि लगातार धंस रही जमीन को सुरक्षित करने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। साथ ही सड़क पर सुरक्षा कार्य करने की मांग की है।
नरैण में 50 मीटर सड़क धंस गई है। विभाग यहां सुरक्षा दीवार और मलबा भरकर यातायात सुचारु रखने का प्रयास का रहा है। सुरक्षा के लिहाज से सड़क के दोनों ओर सुरक्षा डंगे लगाए जाएंगे। गोवर्धन शर्मा, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग तकलेच
नरैण में कई मीटर नीचे धंसी सडक़, खतरों के साये में छोटे वाहन कर रहे सफर। संवाद