संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की दुर्गम पंचायत रूपी देश की आजादी के 78 साल बाद बस देखेगी। आजादी के साढ़े सात दशक गुजरने के बाद इस पंचायत के ग्रामीणों का बस सेवा का सपना साकार होगा और अब यातायात के लिए निजी वाहनों पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। दुर्गम पंचायत के ग्रामीणों खासकर स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थियों और नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी सोमवार को चौरा-रूपी सड़क पर बस सेवा का शुभारंभ करेंगे। गौर हो कि जिले की दुर्गम पंचायत रूपी के ग्रामीण 78 साल से बस सेवा से वंचित थे। पंचायत के नौ गांवों के हजारों ग्रामीण वर्षों से बस सेवा की आस लगाए हुए थे। पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए साल 2007 से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कार्य शुरू हुआ था। साल 2014 में 27 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया था। उसके बाद से ग्रामीण बस सेवा की आस लगाए हुए थे। पंचायत के पोश्पा, बुरंग, छाडिंग, शिगारचा, हुरवा, नालिंग-1, नालिंग-2, मझगांव, डबलिंग और गुरगुरी गांव के ग्रामीण सड़क सुविधा मिलने के बाद बस सेवा की लगातार मांग उठाते रहे हैं। ग्रामीणों की दशकों पुरानी मांग सोमवार को पूरी होने जा रही है।
चौरा से रूपी के लिए शाम साढ़े चार बजे चलेगी बस
रूपी पंचायत के लिए चौरा से शाम साढ़े चार बजे बस सेवा चलाई जाएगी। रिकांगपिओ से चलने वाली इस बस सेवा में प्रति सवारी 209 रुपये किराया वसूला जाएगा। रूपी के ग्रामीण अब सीधे जिला मुख्यालय रिकांगपिओ तक बस सेवा का लाभ उठा पाएंगे। रूपी से ग्रामीणों रिकांगपिओ पहुंचने के लिए कुल 93 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। वहीं, उपमंडल मुख्यालय भावानगर और रामपुर, शिमला की ओर जाने वाले हजारों ग्रामीणों को अब निजी वाहनों में सफर करने से निजात मिलेगी।
रूपी पंचायत के लिए निगम की बस सेवा सोमवार से शुरू होगी। ग्रामीणों को रूपी से रिकांगपिओ आने के लिए 209 रुपये किराया प्रति सवारी देना होगा।
- नागेंद्र चांदला, कार्यवाहक क्षेत्रीय प्रबंधक, पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ
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