छह धावकों के लिए साढ़े चार सौ मीटर का ट्रैक डैक भी होगा तैयार
तीन मंजिला भवन का भी होगा निर्माण, 64 खिलाड़ियों के ठहरने की होगी व्यवस्था
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के हजारों युवाओं के लिए खुशी की खबर आई है। जिले के कल्पा स्थित मिनी स्टेडियम का जल्द विस्तारीकरण किया जाएगा। इतना ही नहीं यहां आने वाले खिलाड़ियों के लिए ठहरने की व्यवस्था भी होगी। लोक निर्माण विभाग ने स्टेडियम के विस्तारीकरण और नए भवन के निर्माण को लेकर करीब 28 करोड़ रुपये का एस्टीमेट एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा है। मंजूरी मिलते ही विस्तारीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।
गौर हो किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ के साथ लगते कल्पा में जल्द जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यहां स्थित मिनी स्टेडियम का जल्द विस्तारीकरण होगा। विस्तारीकरण के बाद मैदान की लंबाई 194 मीटर और चौड़ाई 112 मीटर हो जाएगी। यहां सात चरणों में सीढि़यों का निर्माण किया जाएगा, जिस पर दर्शक बैठकर खेलों का लुत्फ उठा पाएंगे। यही नहीं यहां मैदान में करीब साढ़े चार सौ मीटर का ट्रैक डैक भी तैयार किया जाएगा, जिसमें एक समय में छह धावक दौड़ पाएंगे। इसके अलावा यहां तीन मंजिला भवन का भी निर्माण किया जाएगा, जिसके धरातल में चेंजिंग रूम, इसके ऊपर एक हॉल और कुल 64 बच्चों के ठहरने की सुविधा मिलेगी।
जिलेभर के खिलाड़ी पहुंचते हैं यहां
बताते चलें कि कल्पा मिनी स्टेडियम में वर्ष भर खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। जिले भर से यहां खिलाड़ी पहुंचते हैं और अपनी खेल प्रतिभा को निखारते हैं। यहां वॉलीबाल, कबड्डी, हॉकी, बास्केटबाल, बॉक्सिंग सहित अन्य खेल गतिविधियां आयोजित होती रहती हैं। स्टेडियम का विस्तारीकरण होने से जिले के हजारों युवाओं को जहां आधुनिक खेल गतिविधियों का लाभ मिलेगा, वहीं यहां उन्हें ठहरने की भी सुविधा मिलेगी। वर्तमान में यह स्टेडियम लोक निर्माण विभाग के अधीन है। विभाग ने स्टेडियम के विस्तारीकरण को लेकर 28 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है, लेकिन विस्तारीकरण का कार्य विभाग करेगा या हिमुडा, इसका अब तक निर्धारण नहीं हो पाया है।
मिनी स्टेडियम कल्पा का विस्तारीकरण प्रस्तावित है। विभाग ने इसको लेकर करीब 28 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। विस्तारीकरण का कार्य लोक निर्माण विभाग करेगा या फिर हिमुडा, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
- राकेश श्याम, एसडीओ कल्पा