रोहडू। पब्बर नदी के तट पर शनिवार को छापामारी के दौरान अवैध खनन से पकडे गए करीब एक हजार मीट्रिक टन रेत की निगरानी पुलिस में पहरे में हो रही है। अब मामले में संलिप्त आरोपियों का भी पता लगाया जा रहा है। एक सप्ताह के भीतर रेत की नीलामी की तैयारी हो रही है। रेत की नीलामी से सरकार को लाखों रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
पब्बर नदी के लिए अवैध खनन को खोदी गई सड़कों को प्रशासन ने बंद करवा दिया है। रात के समय खनन माफिया रेत को उठाने का प्रयास न करे, इसके लिए रोहडू थाने से चौबीस घंटे मौके पर पुलिस को तैनात करने के निर्देश जारी किए गए हैं,लेकिन अभी तक इस काले कारोबार में संलिप्त लोगों का सुराग नहीं लग रहा। जिस कंपनी के स्टोर के समीप रेत के ढेर लगाए गए हैं, उस कंपनी के खिलाफ पहली कार्रवाही होना लगभग तय है। कंपनी के कर्मचारी मामले में संलिप्त लोगों का खुलासा करें तो आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज होगा।
शुक्रवार की रात और शनिवार को प्रशासन की टीम ने पटसारी शेखल पुल से लेकर संदौरमोड तक पब्बर नदी के किनारे करीब डेढ़ किलोमीटर दायरे में दस मीट्रिक टन से अधिक रेत के स्टाक को जब्त किया है। अवैध रूप से चल रहे इस धंधे को लेकर लोग खनन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लोग सवाल खडे़ कर रहे हैं।
एसडीएम बीआर शर्मा का कहना है कि पकडे़ गए रेत की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा निलामी से सरकार को लाखों रुपये का राजस्व मिलेेगा। उन्होंने कहा पुलिस को रेत की निगरानी के लिए चौबीस घंटे तैनात रहने के आदेश किए गए हैं, ताकि रात के समय रेत को उठाने का प्रयास न हो।