डॉक्टरों के रिक्त पदों से समय पर पशुओं का नहीं हो रहा टीकाकरण
अव्यवस्था के खिलाफ 30 जून को दत्तनगर में दुग्ध उत्पादक करेंगे प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन में जुटे ग्रामीणों को दो-दो महीने बाद दूध की पेमेंट दी जा रही है, जिससे दुग्ध उत्पादकों में रोष है। सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता मापने के लिए मशीनें नहीं हैं, जिस कारण उन्हें दूध की कम पेमेंट मिल रही है। क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों ने प्रदेश सरकार और पशु पालन विभाग से पशु औषधालयों में रिक्त पड़े पदों को भरने सहित अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग उठाई है। हिमाचल दुग्ध उत्पादन संघ का अधिवेशन मंगलवार को किसान मजदूर भवन चाटी में हुआ। अधिवेशन में रामपुर, निरमंड, ननखड़ी, कोटगढ़, आनी, छतरी और करसोग के दुग्ध उत्पादक शामिल हुए। अधिवेशन में दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं पर चर्चा की गई और 30 जून को दत्तनगर में होने वाले प्रदर्शन पर चर्चा की गई। इस दौरान किसान सभा के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद ने कहा कि वर्तमान में दूध उत्पादक कई तरह की परेशानी से जूझ रहा है। सरकार की नीतियों के कारण दूध उत्पादन घाटे का कारोबार बन रहा है, क्योंकि दूध को पैदा करने की लागत महंगाई के कारण बढ़ रही है। फीड की कीमत बढ़ रही है। दूसरी ओर दूध की पेमेंट समय पर नहीं मिल रही है। दूध की पेमेंट दो-दो माह के बाद भी मिल रही है। प्रदेश सरकार ने दूध के दाम तो बढ़ा दिए हैं, परंतु सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता को मापने के लिए टेस्टिंग मशीन न होने से सरकार की ओर से तय रेट से कम दाम मिल रहे हैं। पशु औषधालयों में चिकित्सक न होने से गाय को समय पर टीका नहीं लग पा रहा है, जिससे गाय भी कामयाब नहीं हो रही है।
संघ की कार्यकारिणी का किया विस्तार
किसान मजदूर भवन में आयोजित अधिवेशन के दौरान संघ की कार्यकारिणी गठित की गई। इसमें प्रेम चौहान को संयोजक, रणजीत ठाकुर को सहसंयोजक, देवकी नंद, पूर्ण, तुला राम, सुभाष, दुर्गा नंद, चमन, विजय, हरविंदर, राजू ठाकुर, कृष्णा राणा, हरदयाल कपूर, मोहर सिंह, निहाल चंद, काकू कश्यप, दर्शन, कृष्ण चंद और बिहारी लाल को सदस्य चुना गया।