16 को राज्य स्तरीय अधिवेशन में पशु पालकों की समस्याओं को लेकर बनाएंगे रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। भले ही प्रदेश सरकार ने दूध के दामों में बढ़ोतरी की हो, लेकिन दुग्ध उत्पादकों की समस्याएं फिर भी कम नहीं हो पा रही। दो महीने से अदायगी को तरसे दुग्ध उत्पादकों में प्रदेश सरकार और मिल्क फेडरेशन के खिलाफ भारी रोष है। दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं और मांगों को लेकर 16 दिसंबर को रामपुर में अधिवेशन कर रणनीति बनाई जाएगी। हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ के राज्य संयोजक प्रेम चौहान और सह संयोजक रणजीत ठाकुर ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि मिल्क फेडरेशन दुग्ध उत्पादकों को दो महीने से दूध की पेमेंट नहीं कर रही। इसके चलते किसान परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने दूध के दाम तो बढ़ा दिए हैं, लेकिन दूध के दाम बढ़ाने से दूध उत्पादकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है। आज भी कई समस्याएं ऐसी हैं, जिसका समाधान न होने से दूध उत्पादकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रामपुर, आनी और निरमंड उपमंडल के पशु पालकों को अक्तूबर और नवंबर की दूध की पेमेंट नहीं मिली है, जिससे उनपर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि दूध की पेमेंट हर महीने 10 तारीख से पहले मिलनी चाहिए ताकि दूध उत्पादकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर को किसान मजदूर भवन चाटी में दूध उत्पादकों की समस्याओं को लेकर राज्य स्तरीय अधिवेशन किया जाएगा, जिसमें दूध उत्पादकों की समस्याओं पर चर्चा कर आगामी योजना बनाई जाएगी।