मिड-डे मील वर्कर यूनियन इकाई रोहड़ू का रोहड़ू में हुआ सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। मिड-डे मील वर्कर यूनियन इकाई रोहड़ू संबंधित सीटू का सम्मेलन सीटू कार्यालय रोहड़ू में हुआ। सम्मेलन में 13 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें प्रधान बवीता, महासचिव लेखराज, कोषाध्यक्ष रंजीता, उप प्रधान सूरज देवी, कविता, अर्चना, सचिव ललिता, स्नेहलता, केश राम, सदस्य मीरा, सुनील कुमार, गुड्डी देवी और सुषमा नेगी को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। यूनियन ने निर्णय लिया है कि मांगों को लेकर 6 मई को हड़ताल की जाएगी, जिमसें मिड-डे मील के सैकड़ों वर्कर विशाल रैली करेंगे। सम्मेलन का शुभारंभ सीटू जिला उपाध्यक्ष सुनील मैहता ने किया और समापन सीटू जिला महासचिव अजय दुल्टा ने किया। सम्मेलन की रिपोर्ट सचिव लेखराज ने रखी। नरेश कुमार,सुलक्षणा ठाकुर और राजमिला ने अपनी बात रखी। सीटू जिला उपाध्यक्ष सुनील मैहता ने कहा कि मिड-डे मील वर्करों की मांगों और सरकार की विरोधी नीतियों के खिलाफ मई महीने में हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यरत 21 हजार मिड-डे मील वर्करों की स्थिति बेहद दयनीय है। इनके लिए मात्र 4,500 रुपये प्रतिमाह वेतन घोषित किया गया है, जोकि कई महीनों तक नहीं मिलता है। वेतन की राज्य व केंद्र की हिस्सेदारी भी हर महीने अदा नहीं की जाती है। मजदूरों को कभी भी पूरा वेतन नहीं मिलता है। समय पर वेतन न मिलने से मिड-डे मील कर्मियों को अपना जीवनयापन करना बेहद मुश्किल हो रहा है। मिड-डे मील वर्कर यूनियन संबंधित सीटू की ओर से उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका पर उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने वर्ष 2019 व डबल बेंच ने वर्ष 2024 में फैसला दिया है कि मिड-डे मील कर्मियों को 10 महीने की बजाय 12 महीने का वेतन दिया जाए, लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक इस फैसले को लागू नहीं किया है।