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Rampur Bushahar News: विकास खंड नारकंडा में चुनावी माहौल के बीच स्वच्छता का संदेश

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लोगों को जागरूक करने के लिए चार अलग-अलग प्रकार के रंगीन डस्टबिन किए स्थापित
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)।
इन दिनों पंचायतीराज चुनावों की सरगर्मियां तेज हैं। हर ओर चुनावी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। इस माहौल के बीच विकास खंड नारकंडा कार्यालय ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सराहनीय पहल की है। विकास खंड कार्यालय परिसर में कूड़ा प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से चार अलग-अलग प्रकार के रंगीन डस्टबिन स्थापित किए गए हैं। यह पहल न केवल कार्यालय परिसर तक सीमित है, बल्कि इसके माध्यम से आम जनता को भी स्वच्छता का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। नारकंडा के खंड विकास अधिकारी अरविंद गुलेरिया ने कहा कि विकास खंड नारकंडा प्रदेश का पहला ऐसा विकास खंड कार्यालय बन गया है, जहां संशोधित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 के तहत चार बिन कोड मॉडल को अपनाया गया है। इस मॉडल के अंतर्गत लाल, हरे, नीले और काले रंग के डस्टबिन लगाए गए हैं, जिनमें अलग-अलग प्रकार के कचरे को पृथक रूप से एकत्रित किया जाएगा। लाल रंग का डस्टबिन सेनेटरी व मेडिकल वेस्ट के लिए, हरा गीले कचरे के लिए, नीला सूखे कचरे के लिए और काला घरेलू खतरनाक अपशिष्ट के लिए निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल वेस्ट सेग्रिगेशन एट सोर्स यानी कचरे को स्रोत स्तर पर अलग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यदि लोग घरों और कार्यालयों में ही कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना शुरू कर दें, तो कूड़ा प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और आसान हो सकती है। इससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और स्वच्छता अभियान को गति प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि चुनावी ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे इस स्वच्छता अभियान को मतदान केंद्रों तक पहुंचाएं। पोलिंग बूथों में भी स्वच्छता बनाए रखने और कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान भी स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। यदि हर सरकारी कार्यालय और पंचायत स्तर पर इस मॉडल को अपनाया जाए, तो स्वच्छ भारत अभियान को नई दिशा मिल सकती है।
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