पीड़ित की मदद को लेकर कांगल पंचायत के ग्रामीणों ने बुलंद की आवाज
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, लापरवाही बरतने के लगाए आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। उपमंडल कुमारसैन की कांगल पंचायत के लोगों ने आपदा प्रभावित गोविंद राम के परिवार की गंभीर स्थिति को लेकर एसडीएम मुकेश शर्मा से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम कुमारसैन मुकेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा और आपदा पीड़ित गोविंद राम की समस्याओं को उनके समक्ष रखा।
बताया कि बीते साल आई प्राकृतिक आपदा के दौरान गोविंद राम का दो मंजिला मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। मकान में नीचे और ऊपर दोनों मंजिलों में तीन-तीन कमरे थे, जो अब रहने योग्य नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा कि मकान की हालत इतनी खराब है कि उसमें रहना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। आरोप लगाया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार घर के मौके की स्थिति का आकलन विभाग के कर्मचारियों ने नहीं किया, जिस कारण सरकार की ओर से दी गई राहत राशि नुकसान के मुकाबले बेहद कम है और मकान का पुनर्निर्माण संभव नहीं हो पा रहा है। गोविंद राम एक साल से किराये के मकान में रहने को मजबूर है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गोविंद राम हृदय रोग से पीड़ित है और आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। ऐसे में किराया देना और दैनिक खर्च उठाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पीड़ित को उचित और पर्याप्त मुआवजा दिया जाए, ताकि वह अपने मकान का पुनर्निर्माण कर सके। कहा कि प्रशासन की ओर से किए गए प्रारंभिक सर्वेक्षण में मकान के नुकसान का आकलन मात्र एक लाख रुपये के आसपास किया गया है, जो वास्तविक क्षति की तुलना में बेहद कम है।
वहीं, पीड़ित गोविंद राम ने घर का निरीक्षण करने आए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने और सरकार के समक्ष सही तथ्य न प्रस्तुत करने के आरोप लगाए हैं, जिस कारण उन्हें आज इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत क्षेत्र की अन्य समस्याओं को भी उपमंडल अधिकारी के समक्ष रखा और उनके समाधान की मांग की।
इस मौके पर पूर्व उप प्रधान रमेश कुमार, वेद वर्मा, कमलेश शर्मा, हरीश चौहान, राजकुमार और रामलाल सहित अन्य मौजूद रहे। उधर, एसडीएम मुकेश शर्मा ने आश्वस्त किया कि मामले की पूरी जांच कर उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन पीड़ित की हरसंभव सहायता प्रदान करने का प्रयास करेगा।