रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिले की कानम और आसरंग ग्राम पंचायतों के लोग शनिवार को प्रदेश वन निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी के नेतृत्व में उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद से मिले। ग्रामीणों ने उपायुक्त से मिलकर बीते दिनों भारी बारिश, बाढ़ और बादल फटने के कारण फसलों, सेब के पौधों और मटर की लाखों रुपये की फसलों को हुए नुकसान को लेकर ज्ञापन सौंपा।
कानम पंचायत प्रधान चंद्र प्रभा नेगी, उप प्रधान जम्बू पाल, चंदर कीर्ति, टाशी ज्ञाछो, भगवान दास, दीवान छोकिद, सोनम नरपाल, रिनचेन मंडुप सहित अन्य प्रभावितों ने कहा कि आठ अगस्त को हुई भारी बारिश और बाढ़ से कानम गांव में जल आपूर्ति, सिंचाई कूहलें, रास्ते और क्षेत्र के 7 नालों में बाढ़ आने से फसल और सेब के बगीचों को तहस-नहस कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। उपायुक्त ने कहा कि पीने के पानी के लिए 17 लाख और खेतों की सिंचाई के लिए सात कूहलों की मरम्मत के लिए साढ़े 8 लाख की तत्काल स्वीकृति दी है। उपायुक्त ने राजस्व विभाग, कृषि विभाग और उद्यान विभाग को नुकसान का जायजा लेकर जिला प्रशासन को विस्तार से रिपोर्ट बनाकर सौंपने के निर्देश दिए हैं। वहीं आसरंग पंचायत प्रधान गुरु लाल, भगवान सिंह, रामचंद्र, घनश्याम दास, विजय सिंह, उत्तम राम, पवन कुमार, चरणपुर, हरिशचंद्र, ज्ञान सिंह, देवी सिंह, रूप सिंह, जवान सिंह, ज्ञानचंद, भाग रतन, देवेंद्र सिंह, सुजान सिंह, भाग सागर, राजीव, टाशी वांगचु, तनमा तेनजिन सहित अन्य लोगों ने कहा कि अचानक ओलावृष्टि होने से हुए मटर और सेब की फसल को नुकसान के बारे में उपायुक्त किन्नौर को ज्ञापन देते हुए अवगत करवाया। प्रधान गुरु लाल ने कहा कि ओलावृष्टि से किसानों की 90 प्रतिशत मटर की फसल खेतों में ही बर्बाद हो गई है। इतिहास में पहली बार आसरंग गांव में ओलावृष्टि हुई है। प्रदेश वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने कहा कि 2013 को प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर किसानों को एकमुश्त लाभ दिया गया था। उसी आधार पर प्रदेश सरकार से विशेष पैकेज देने की मांग की जाएगी। उपायुक्त गोपाल चंद ने कहा कि आसरंग पंचायत का नुकसान ज्यादा होने के कारण राज्य सरकार और केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की जाएगी।