रामपुर बुशहर। कई दशकों से रामपुर में विकराल रूप धारण कर चुकी यातायात समस्या को खत्म करने के लिए अब प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रशासन का कहना है कि रामपुर शहर में आम लोग नहीं, सरकारी मुलाजिम यातायात नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।
एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने एनएच अथॉरिटी, नगर परिषद और पुलिस प्रशासन को तुरंत प्रभाव से ऐसे कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शहर में यातायात व्यवस्था को पहले से बेहतर करने के लिए प्रशासन ने मिस (मिशन ऑफ इंटेलिजेंट एंड स्मार्ट सिस्टम) ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। रामपुर शहर में बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करने के उद्देश्य से वीरवार को एसडीएम की अध्यक्षता में विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इसमें नेशनल हाईवे पांच किनारे बेतरतीब पार्किंग, अवैध रूप से बनाए गए पार्किंग स्थल और मिनी सचिवालय के सामने हो रही बेतरतीब पार्किंग को लेकर चर्चा की गई। एसडीएम ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था चाइल्ड फ्रेंडली होनी चाहिए। बीते 10 वर्षों में मुख्य शहर में ही 12 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने चेताया कि शहर में एनएच पर पार्क किए गए वाहनों को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। उन्होंने कोर्ट परिसर के साथ एनएच पर बनाई गई पार्किंग, मिनी सचिवालय, कन्या स्कूल, डकोलढ़, खनेरी और चूहाबाग सहित समूचे नगर परिषद क्षेत्र में अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मिनी सचिवालय की पार्किंग में पार्क होगी एसडीएम की गाड़ी
एसडीएम का वाहन एनएच-5 पर पार्क न होकर मिनी सचिवालय की पार्किंग में पार्क होगा। मिनी सचिवालय के मुख्य अधिकारियों को ही वाहन पार्क करने की यहां व्यवस्था रहेगी। एसडीएम ने नगर परिषद को नप क्षेत्र में पार्किंग के लिए नए स्थानों का चयन के निर्देश दिए।
एसडीएम ने कहा कि बीते दस वर्षों में क्षेत्र में वाहनों की संख्या में करीब चार गुना इजाफा हो गया है, जबकि पार्किंग और सड़कों में बदलाव नहीं हो पाया है। उन्होंने शहर आने वाले लोगों, कर्मचारियों और व्यापारी वर्ग से अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए शहर में वाहन न पार्क करने की अपील की है। इस दौरान डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा ने भी शहर में बेहतर यातायात व्यवस्था को लेकर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष सुमन घाघटा, देशराज गुलेरिया, धनवीर ठाकुर, अजय बदरेल, तन्मय शर्मा, कर्ण ठाकुर, उषा चौहान, हरीश गुप्ता, कर्म सेन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।