चौपाल उपमंडल के मड़ावग में हड़ताल के समर्थन में बन्द दवाई की दुकान।
बिना पहचान सत्यापन के दवाइयों की हो रही बिक्री
मरीजों की सेहत और जान को हो सकता है खतरा : एसोसिएशन
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू )। ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को चौपाल में दवा दुकानें बंद रहीं। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर चौपाल उपमंडल में केमिस्टों ने अपनी दुकानें बंद रखकर ई-फार्मेसी के खिलाफ विरोध जताया। उपमंडल के चौपाल, नेरवा, कुपवी सहित विभिन्न क्षेत्रों में दवा विक्रेताओं ने हड़ताल में भाग लिया। चौपाल केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र चौहान ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री का संचालन बिना पर्याप्त नियंत्रण के किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ई-फार्मेसी कंपनियां बिना डॉक्टर की पर्ची और बिना पहचान सत्यापन के दवाइयों की बिक्री कर रही हैं, जिससे मरीजों की सेहत और जान को खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि दवाइयों की बिक्री एक संवेदनशील विषय है और इसमें नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। केमिस्ट एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर कड़े नियम लागू किए जाएं और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। हड़ताल के समर्थन में चौपाल उपमंडल के मड़ावग क्षेत्र में भी दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। केमिस्टों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।