रामपुर बुशहर। प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना के नए वेरिएंट के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। रामपुर के महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों ने यदि मास्क नहीं पहना तो उनकी स्वास्थ्य जांच नहीं होगी। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने कोरोना टेस्टिंग भी बढ़ा दी है।
प्रदेश के कुल्लू, किन्नौर, शिमला और मंडी जिले के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में स्टाफ सहित यहां आने वाले मरीजों और उनकी तीमारदारों को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। हालांकि अब तक अस्पताल में कोरोना संक्रमण के इक्का दुक्का मामले ही सामने आए हैं। अस्पताल में कोरोना टेस्टिंग और बूस्टर डोज की उपलब्धता बनाए रखने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।अस्पताल में रोजाना 1200 के करीब ओपीडी रहती है। ऐसे में संक्रमण से निपटने के लिए पुख्ता बंदोबस्त करना आवश्यक है।
अस्पताल में रोजाना होंगे रैपिड एंटीजन टेस्ट
अस्पताल प्रशासन ने हर सोमवार और बुधवार को आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाने का निर्णय लिया है। इनके सैंपल शिमला भेजे जाएंगे और शिमला से ही इनकी रिपोर्ट आएगी। वहीं, अन्य दिनों में रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाए जाएंगे। अस्पताल में रोजाना 50 कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं। बहरहाल अभी रामपुर उपमंडल में संक्रमण के मामले नामात्र हैं, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति क्या होगी, इसको लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में सभी लोगों को एहतियात बरतने की आवश्यकता है।
कोरोना नियमों का सख्ती से करें पालन : एमएस
खनेरी अस्पताल के एमएस डॉ. प्रकाश डरोच ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर सभी मेडिकल स्टाफ को सचेत कर दिया गया है। अस्पताल में कोरोना टेस्टिंग बढ़ा दी गई है। अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों से मास्क पहनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिना मास्क ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की जांच नहीं की जाएगी। उन्होंने संक्रमण की गंभीरता को समझते हुए लोगों से कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की अपील की है।