रोहड़ू। मकर संक्रांति से पहले देवी-देवताओं का स्वर्ग प्रवास पर जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। मकर संक्रांति तक सभी देवी-देवता एक माह के स्वर्ग प्रवास पर चले जाएंगे। उसके बाद से क्षेत्र के मंदिरों में धार्मिक कार्य प्रतिबंधित रहेंगे। मान्यता के अनुसार, हर वर्ष मकर संक्रांति तक देवी देवता स्वर्ग प्रवास पर चले जाते हैं। इंद्र देव की सभा में हाजिरी लगाकर देवी-देवता एक माह के बाद धरती पर लौटेंगे और अपने गुरों के माध्यम से पूरे साल घटित होने वाली घटनाओं की भविष्यवाणी करेंगे। इंद्र देव की सभा के दौरान देवी-देवता अपने अपने क्षेत्रों व गांव के लिए आशीर्वाद लेकर आएंगे। इस दौरान एक माह तक मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। रविवार को जुब्बल के ढाडी गांव में काली माता स्वर्ग प्रवास पर गई। अब एक माह बाद स्वर्ग प्रवास से लौटने पर माता अपने गुर के माध्यम से भविष्यवाणी करेगी। काली माता के गुर राकेश मेहता ने बताया कि परंपरा अनुसार मकर संक्रांति तक सभी देवी-देवता स्वर्ग प्रवास पर जाएंगे। फाल्गुन संक्रांति तक सभी देवी देवता स्वर्ग पर प्रवास से वापस लौटकर भविष्यवाणी करेंगे।