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Rampur Bushahar News: खनेरी अस्पताल में अर्थिंग के अभाव में हांफ रही मशीनें

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एनालाइजर और सीटी स्केन मशीन में आ रही लोड संबंधि समस्याएं
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अस्पताल पहुंचने वाले सैकड़ों मरीज झेल रहे परेशानियां

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। प्रदेश के चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवा रहे महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में मरीजों की दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। अर्थिंग की उचित सुविधा न होने से मरीजों की जांच के लिए लगाई मशीनें आए दिन हांफ रही हैं। अस्पताल में रोजाना एक हजार से 12 सौ मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। 200 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में किन्नौर, कुल्लू, शिमला और मंडी जिले से लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को निराशा हाथ लग रही है। अस्पताल में लगी एनालाइजर और सिटी स्केन मशीनों में आए दिन लोड के कारण समस्या पैदा हो रही है। इसके लिए मशीनों के लिए अर्थिंग की उचित सुविधा न होना एक मुख्य कारण है। एनालाइजर मशीन के आए दिन हांफने से मरीजों की किडनी फंक्शन, लीवर फंक्शन, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रोल, ब्लड शुगर सहित अन्य टेस्ट करवाने वाले मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। सिटी स्केन मशीन का भी यही हाल है। ऐसे में सैकड़ों मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। आए दिन मरीजों को टेस्ट की सुविधा नहीं मिल पाती है और उन्हें निजी संस्थानों में जाकर महंगे दामों पर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। असुविधाओं के आलम में मरीज दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं। हालांकि, इन दोनों मशीनों की देखरेख वही कंपनियां कर रही हैं, जिन्होंने ये मशीनें स्थापित की हैं। अस्पताल में विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा रही हैं, लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग हजारों मरीजों को बेहतर उपचार देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। लंबे समय से रोगी कल्याण समिति की बैठक न होने से अस्पताल के कई मसले ठंडे बस्ते में पड़े हुए हैं।
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अस्पताल में अर्थिंग से संबंधित समस्या का समाधान किया जा रहा है। मशीनों की अर्थिंग उन्हीं कंपनियों की ओर से सुनिश्चित की जानी है, जो कंपनियां इन मशीनों की देखरेख कर रही हैं। - डॉ. अजय नेगी, एमएस खनेरी, अस्पताल
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- संवाद
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