नेरवा (रोहड़ू)। भारी बारिश से अस्त-व्यस्त जनजीवन अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है। विभागों के अधिकारी और कर्मचारी विपरीत परिस्थितियों में भी दिनरात फील्ड में डटे हुए हैं। नुकसान इतना अधिक हुआ है कि स्थिति सामान्य होने में अभी काफी समय लगेगा। लोगों को सबसे अधिक परेशानी बिजली न होने के कारण हो रही है। चौपाल मंडल को विद्युत आपूर्ति करने वाले 66 केवीए हुली-लस्टाधार टॉवर का 35 नंबर टावर टूट गया है। इस कारण एक सप्ताह से चौपाल उपमंडल के अधिकांश क्षेत्र अंधेरे में डूबे हुए हैं। बसाधार-चंबी 22 केवीए लाइन से शुक्रवार से चौपाल और नेरवा के कस्बों को रात के समय विद्युत आपूर्ति की जा रही है। वहीं, हिमाचल पथ परिवहन निगम के नेरवा डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल शर्मा ने बताया कि निगम की 16 बसें अभी भी कई जगह फंसीं हुईं हैं। रविवार को चौपाल से शिमला को 4 बसें भेजी गईं, जबकि शिमला से चौपाल को 3 बसें भेजी गईं। नेरवा से हरिद्वार को वाया पांवटा साहिब और नेरवा से रोहनाट को एक बस भेजी गई। अन्य सभी संपर्क मार्ग बड़े वाहनों के लिए बंद होने के कारण उन पर कोई बस नहीं भेजी जा सकी। चौपाल-नाहन वाया पांवटा साहिब रूट पर चलने वाली नाहन डिपो की बस रविवार को वाया शिमला नाहन भेजी गई, जबकि नेरवा तक एनएच-707 यातायात के लिए खुला होने के बाबजूद इस रूट पर चलने वाली नाहन-चौपाल बस को नहीं भेजा गया। लोगों ने उप मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मांग की है कि नेरवा तक रास्ता ठीक होने के कारण इस बस को नेरवा तक चलाया जाए। जल शक्ति मंडल नेरवा के अधिशासी अभियंता रजनीश वर्मा ने बताया कि नेरवा मंडल के अंतर्गत आने वाली 446 योजनाओं में से 398 को चालू कर दिया गया है। कुछ योजनाएं और जल स्रोत गाद की मात्रा अधिक होने के कारण बंद हैं।