रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने बुधवार को भाई को मौत के घाट उतारने के दोषी को उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी मुकेश पुत्र दीप राम, गांव करालटा (शोली), डाकघर शोली, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला को यह सजा सुनाई है। फैसले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 27 मार्च 2018 को आरोपी का भाई सुनील कुमार (मृतक) रामपुर पेशी पर गया था, जिसने मुकेश को कहा था कि शाम का खाना बनाकर रखना। जब सुनील कुमार (मृतक) शाम को घर पहुंचा तो उसने आरोपी को कहा कि खाना बना दिया है, इस पर आरोपी ने कहा कि उसने खाना नहीं बनाया है, जिस पर मृतक ने आरोपी को कहा कि तूने सारे दिन क्या किया, न खाना बनाया, न पानी लाया और इसी बात पर आरोपी ने अपने बड़े भाई सुनील कुमार (मृतक) की ईंट, पत्थर, डंडा और कुल्हाड़ी से सिर और मुंह में वार कर निर्मम हत्या कर दी। यह वाक्या मृतक के पांच वर्षीय पुत्र ने देखा और इस वारदात की सूचना आरोपी और मृतक की मां जो शिमला में थी, को दी गई। पुलिस को भी इस बारे सूचित किया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य जो वारदात में प्रयोग किए गए सभी हथियार, पत्थर और ईंटें जो खून से रंगे थे, बरामद किए। इस केस की तफ्तीश थाना प्रभारी चिंत राम की ओर से अमल में लाई गई। तफ्तीश पूरी होने पर चालान अदालत में पेश किया और सभी साक्ष्य गवाहों के बयानों, मेडिकल साक्ष्य के आधार पर अदालत ने आरोपी को अपने सगे भाई की निर्मम हत्या का दोषी पाया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल और केएस जरियाल ने की।