रामपुर बुशहर। छुरी से पत्नी को मौत के घाट उतारने के मामले में अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। इसके अलावा दोषी को 2 लाख रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
मामले के बारे में जानकारी देते हुए उपजिला न्यायवादी किन्नौर स्थित रामपुर कमल चंदेल ने बताया कि 3 मई 2018 को करीब 7:30 बजे शाम पुलिस चौकी सराहन में टेलीफोन से सूचना मिली कि गांव बठारा से ऊपर जंगल में एक महिला और पुरुष को भालू ने नोच खाया है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि एक महिला मृत अवस्था में पड़ी थी। लोगों से मालूम हुआ कि एक अन्य घायल व्यक्ति को इलाज के लिए सराहन अस्पताल ले गए हैं, जिसे चोटें आई हैं। मृत महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए सराहन अस्पताल लाया गया।
दोषी हरका बहादुर के मुताबिक भालू ने हमला करके उसकी पत्नी को मार दिया था और उसे घायल कर दिया था जब शव को पोस्टमार्टम के लिए सराहन लाया गया तो डाक्टर ने शरीर पर घाव भालू के पंजों और दांत के न पाए। शक के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। आईजीएमसी शिमला में पोस्टमार्टम के बाद पाया गया कि मृत महिला के शरीर पर घाव के निशान किसी तेजधार हथियार के हैं, न कि किसी जानवर के पंजे और दांत के। इसके बाद पुलिस थाना झाकड़ी में आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया और हरका बहादुर को जांच में शामिल किया जिसे पत्नी की हत्या में उसकी संलिप्तता पाई गई।
मुकदमे के अन्वेषण के दौरान पाया गया कि दोषी अपनी पत्नी पर संदेह करता था जिसके कारण इनकी नेपाल और बठारा में रहते हुए आपस में बहस होती रहती थी। दोषी हरका बहादुर ने सुनियोजित तरीके से पत्नी की छुरी से हत्या कर दी और चोटों के निशान शरीर में इस तरह से किए कि यह भालू के काटने का मामला लगे। तफ्तीश पूरी होने पर चालान को अदालत में पेश किया गया। ट्रायल के दौरान 18 गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए गए।
वैज्ञानिक और मेडिकल सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोषी हरका बहादुर को पत्नी की हत्या करने का दोषी पाया गया। अदालत ने उसे उम्रकैद (जब तक वह जिंदा रहेगा तब तक जेल में रहेगा) और 2 लाख 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले की पैरवी सरकार की तरफ से उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।