रामपुर बुशहर। रामपुर के पाट बंगला मैदान में बुधवार को अश्व प्रदर्शनी का विधिवत समापन हुआ। तीन दिनों तक चली इस प्रदर्शनी में घोड़ों का व्यापार हुआ। समापन समारोह में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अजमेर सिंह डोगरा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उनके साथ विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। समापन समारोह के दौरान अश्व पालकों को प्रोत्साहन करते हुए प्रतियोगिताओं का विशेष रूप से आयोजन किया गया। सबसे पहले अश्व पालकों के लिए गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता आयोजित हुई। जिसमें सतीश नेगी पहले स्थान पर रहे। इसके पश्चात 400 मीटर एवं 800 मीटर दौड़ का आयोजन किया गया।
घुड़दौड़ में प्रथम स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को पांच-पांच हजार और दूसरे स्थान के विजेता को तीन-तीन हजार नकद पुरस्कार सहित ट्राफी देकर सम्मानित किया गया। जिसमें रामपुर उपमंडल के सुरड़ से धर्मपाल से पहला स्थान हासिल किया। दोनों ही दौड़ प्रतियोगिताओं में प्रकाश नेगी दूसरे स्थान पर रहे।
प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न वर्गों में अश्वों का चयन भी किया गया। जिसमें इस बार सर्वोत्तम अश्व नर के खिताब से जगदीश नेगी के अश्व को नवाजा गया। इसके अलावा खाब के अमिचंद के घोड़े को सर्वोत्तम स्पिति अश्व मादा चुना गया। दोनों ही विजेताओं को 2500 रुपये नकद सहित ट्राफी भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं खच्चर जोड़ी के पुरस्कारों में डुमडुम दोरजे की खच्चर को प्रथम और रत्न नेगी जिला कुल्लू की खच्चर को दूसरे और कुमत राम की खच्चर को तीसरे स्थान पर जगह मिली। इसकेे अलावा स्पिति अश्व नर में जगदीश का घोड़ा प्रथम और अमीचंद का घोड़ा दूसरे स्थान पर रहे। साथ ही स्पिति अश्व मादा में अमीचंद की घोड़ी को प्रथम एवं जगदीश की घोड़ी को द्वितीय और रहमत अली की घोड़ी को तीसरे स्थान मिला। स्पिति अश्व बंदीकृत में अविनाश नेगी ने प्रथम, अलीशेर ने द्वितीय और मीना देवी ने तृतीय एवं पद्म सिंह के अश्वों ने चौथे स्थान पर कब्जा किया। स्पिति अश्व बछेरा में प्रथम मुश्ताक, स्पिति संकर अश्व नर में इस्माइल प्रथम, युसूफ दूसरे और ज्ञानचंद तीसरे स्थान पर रहे।
साथ ही स्पिति संकर अश्व मादा में ताशीराम प्रथम, मुस्ताक दूसरा और सुशील तीसरे स्थान पर रहे। स्पिति संकर अश्व बंदीकृत में हसन अली प्रथम, प्रकाश नेगी द्वितीय और भूपसिंह तीसरे स्थान पर रहे। अव्वल रहे सभी अश्वों को पशुपालन विभाग की ओर से पुरूस्कृत किया गया। इस प्रदर्शनी में इस मर्तबा कुल 222 घोड़ों का पंजीकरण हुआ। कार्यक्रम के समापन के दौरान सहायक निर्देशक डॉ अशोक चौहान, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित अत्री, डॉ. गुलशन कुमार, डॉ. रविंद्र शर्मा, डॉ. विकास रांटा, अमित चौहान, सुरेश कपूर, अनिल शर्मा, कुबेर शर्मा, सुनील, रोशन सहित अन्य मौजूद रहे।