चौपाल (रोहड़ू)। शिरगुल महाराज की तपोस्थली चूड़धार में जेठ संक्रांति से वार्षिक लंगर आरंभ हो चुका है। पहली ही रात्रि को सैकड़ों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। चूड़धार यात्रा वैसाखी से आरंभ मानी जाती है और बिजट महाराज की कार्तिक एकादशी, देवउठनी यात्रा नवंबर में समाप्त मानी जाती है। इस भंडारे का आयोजन चूड़ेश्वर सेवा समिति पिछले 20-25 वर्षों से नियमित रूप से करती आ रही है। यहां लंगर भक्तों के सहयोग से चलता है। पहले ही दिन सरांह चौपाल इकाई के स्वयंसेवकों ने सेवाएं दीं। इस अवसर सरांह हामल के लोगों ने सामूहिक रात्रि जागरण (पयाशली) का आयोजन किया। इस अवसर पर नंबरदार मोहर सिंह, सूर्य प्रकाश ठाकुर, जोगिंद्र ठाकुर, देवेंद्र ठाकुर, सोमदेव, नीतिश, भक्तजन, पुजारी, चुड़ेश्वर सेवा समिति के सदस्य अमर सिंह शास्त्री, बालक राम हिमटा, दिनेश भंडारी, प्रताप नेगी दीप राम शास्त्री, प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना और कार्यक्रम अधिकारी ललित कुमार हिमटा उपस्थित रहे। संवाद