कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क पर पहाड़ी से भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हुई सड़क
विज्ञापन
सीमा सड़क संगठन ने शाम पांच बजे बहाल की सड़क, खतरा अब भी बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते बुधवार को कड़छम में भूस्खलन की चपेट में आने से चार लोग घायल हो गए थे। वहीं, शुक्रवार को कड़छम से 15 किलोमीटर दूर रूतूरंग में दोपहर करीब एक बजे पहाड़ी से भूस्खलन हो गया। इस कारण देश को चीन सीमा को जोड़ने वाली वाली कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क अवरुद्ध हो गई। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने चार घंटे की मशक्कत के बाद करीब शाम पांच बजे सड़क को बहाल किया। जानकारी के अनुसार, रूतूरंग के पास करीब 40 मीटर सड़क पर एकाएक पहाड़ी से मलबा और चट्टानें आ गिरीं। इस कारण चार घंटे तक सांगला वैली की 11 पंचायतों का संपर्क देश दुनिया से कट गया। हजारों ग्रामीणों सहित देश सीमा की ओर जाने वाले जवानों को परेशानी झेलनी पड़ी। सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मशीन और मजदूर यातायात बहाली में जुट गए, लेकिन पहाड़ी से बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण मार्ग बहाल करने में परेशानी पेश आती रहीं। शाम करीब पांच बजे बाधित मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया गया। उसके बाद हजारों लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, भूस्खलन प्रभावित इस क्षेत्र में अभी भी पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिर रहे हैं। इस कारण सफर खतरे भरा बना हुआ है। सीमा सड़क संगठन ने इस सड़क पर सफर करने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
भूस्खलन और चट्टानें गिरने से बाधित मार्ग को बहाल करने में परेशानी पेश आई। संगठन की मशीन और मजदूरों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। इस मार्ग पर यात्री सावधानी के साथ सफर करें। - प्रदीप सिंह, ओसी पोवारी, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ)