नेशनल हाईवे पांच पर ब्रौनी नाले के पास गिरी चट्टानें। संवाद
. शुक्रवार सुबह यातायात ठप रहने से लगा लंबा जाम, सेब के वाहन भी फंसे
. एनएचएआई ने कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे से चट्टानों को हटाया
. एनएचएआई में स्टाफ की कमी से राहत कार्यों में हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। शिमला-शिपकी ला नेशनल हाईवे-5 पर ब्रौनी नाला के पास शुक्रवार तड़के भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ से भारी-भरकम चट्टानें हाईवे पर आ गिरीं। इससे करीब चार घंटे तक हाईवे पर यातायात ठप रहा। भूस्खलन की यह घटना तड़के करीब 3 बजे हुई। गनीमत रही कि कोई वाहन चट्टानों या मलबे की चपेट में नहीं आया। देखते ही देखते हाईवे पर जाम लग गया। इन दिनों किन्नौर से सेब से लदे वाहन निचले क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं, जो जाम में फंस गए। इसके अलावा किन्नौर की ओर जा रही निगम की बसों सहित पर्यटकों के कई वाहन भी जाम में फंस गए। किसी तरह सूचना एनएचएआई के ज्यूरी डिवीजन के एसडीओ तक पहुंचाई गई। इसके बाद करीब चार मशीनें मौके पर भेजकर चट्टानों को हटाने का काम शुरू किया गया। मशीनों के माध्यम से सुबह करीब 7 बजे हाईवे की एक लेन से यातायात बहाल किया गया। हाईवे पर गिरी चट्टानें इतनी भारी-भरकम थीं कि उन्हें दूसरी लेन से हटाया नहीं जा सका। इस कारण ब्रौनी नाले के पास हाईवे पर एक ही लेन से पूरे दिन यातायात चला। इससे बीच-बीच में हल्का जाम भी लगता रहा। उधर, एनएचएआई के ज्यूरी डिवीजन में इन दिनों स्टाफ और मशीनरी की भारी कमी चल रही है। सबसे महत्वपूर्ण कनिष्ठ अभियंता का पद खाली है। इससे अन्य स्टाफ को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर भूस्खलन जैसी स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में देरी होती है। उधर, एसडीओ करतार चंद शर्मा ने बताया कि सुबह हाईवे पर चट्टानें आ गिरी थीं। यातायात बहाल कर दिया गया है। बड़ी चट्टानों को हटाने के लिए भारी मशीनरी की व्यवस्था की जा रही है।