. चार जिलों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र में पार्किंग की सुविधा न होने से बिगड़ रही ट्रैफिक व्यवस्था
. शहर में वाहनों की संख्या तीन हजार के पार, केवल 280 वाहनों को पार्क करने की सुविधा
. एनएच पर आवाजाही करने वाले लोग रोजाना खतरों के साये में कर रहे सफर
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर।
चार जिलों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र रामपुर में वाहनों की संख्या तीन हजार के अधिक हो गई है, लेकिन पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण नेशनल हाईवे-पांच के किनारे वाहनों को खड़े करने का ठिकाना बन गया है। पार्किंग की सुविधा न के बराबर होने के कारण शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। शहर में घोषणाओं और योजनाओं तक ही पार्किंग का निर्माण सिमट कर रह गया है। रोजाना हजारों की संख्या में उपमंडल मुख्यालय पहुंचने वाले वाहन चालक मजबूरी में एनएच के किनारे वाहनों को पार्क कर रहे हैं। शहर में बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था से हमेशा हादसा होने का खतरा बना रहता है। रोजाना हजारों राहगीर और स्कूली बच्चे आवाजाही करने में परेशानी झेल रहे हैं। रामपुर में पार्किंग की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। वर्तमान में शहर के इंदिरा मार्केट और पदम छात्र स्कूल के पास दो पार्किंग चल रही हैं। इनमें केवल 280 वाहनों को पार्क करने की ही सुविधा है, जबकि शहर में ही वाहनों की संख्या तीन हजार से अधिक है। चार जिलों से उपमंडल मुख्यालय रामपुर पहुंचने वाले लोगों को पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है। शहर के डकोलढ़ से लेकर खनेरी अस्पताल तक ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। यहां नेशनल हाईवे-पांच पर नियमों को ताक पर रखकर सड़क के दोनों ओर वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। हालांकि, प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी शहर में एनएच पर वैली साइड वाहनों को खड़ा न करने के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन शहर में बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग के अभाव में चालक एनएच के किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर हैं।
संवाद
इंदिरा मार्केट फेस-2 पार्किंग का 2021 में शिलान्यास, अब तक नहीं हुआ काम शुरू
शहर में पार्किंग की ज्वलंत समस्या को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2021 में इंदिरा मार्केट फेस-2 पार्किंग का शिलान्यास किया था। करीब 180 वाहनों को पार्क करने की क्षमता वाली यह पार्किंग राजनीतिक उपेक्षा का शिकार बनती रही। 4 साल बीतने के बाद भी पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। हालांकि, करीब सात करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पार्किंग के लिए दो करोड़ का बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। इसके अलावा गौरा चौक के पास 5 बीघा भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है। पिछले साल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस पार्किंग का शिलान्यास किया था, लेकिन तबसे मामला वन मंजूरी के अभाव में लटका हुआ है। पार्किंग की उचित सुविधा न मिलने से शहर पहुंचने वाले हजारों लोग रोजाना दिक्कतें झेल रहे हैं।
शहर के लोगों का कहना
शहर के राहुल घाघटा ने बताया कि शहर पहुंचने वाले लोग रोजाना पार्किंग की समस्या से जूझ रहे हैं। सरकार, प्रशासन और नगर परिषद को पार्किंग का निर्माण कर लोगों को राहत देनी चाहिए।
यशवंत शर्मा ने कहा कि नेशनल हाईवे पर बढ़ती वाहनों की संख्या और बेतरतीब पार्किंग से रोजाना हजारों राहगीर, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी आवाजाही करने में परेशानी झेल रहे हैं। सड़क पर हादसे होने का डर बना रहता है। बीते वर्षों में कई हादसे पेश भी आ चुके हैं।
इंदिरा मार्केट फेस-2 में प्रस्तावित पार्किंग की ड्राइंग तैयार की जा रही है। नगर परिषद से पार्किंग निर्माण के लिए बजट नहीं मिला है, जैसे ही बजट उपलब्ध होगी निर्माण कार्य शुरू कर लिया जाएगा।
-बृज लाल,
सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग रामपुर
गौरा चौक में बनने वाली बहुमंजिला पार्किंग का संयुक्त निरीक्षण कर लिया गया है। वन विभाग से मंजूरी की प्रक्रिया चल रहा है। मंजूरी मिलते ही पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। इंदिरा मार्केट फेस-2 के लिए जल्द ही लोक निर्माण विभाग को बजट जारी किया जाएगा।
- बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद रामपुर
रामपुर के गौरा चौक में पांच बीघा भूमि पर प्रस्तावित है पार्किंग का निर्माण। संवाद
रामपुर के गौरा चौक में पांच बीघा भूमि पर प्रस्तावित है पार्किंग का निर्माण। संवाद
रामपुर के गौरा चौक में पांच बीघा भूमि पर प्रस्तावित है पार्किंग का निर्माण। संवाद