संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। पंचायत चुनावों में मताधिकार से वंचित किए जाने के मुद्दे को लेकर कुनिहार विकास सभा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की है। मंगलवार को आयोजित सभा की आपातकालीन वर्चुअल बैठक में कुनिहार, कोठी और हाटकोट पंचायतों के करीब चार हजार मतदाताओं को पंचायत चुनाव में मतदान का अधिकार देने की मांग उठाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इसकी प्रतिलिपि उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश, पंचायती राज मंत्री और राज्य चुनाव आयोग को भेजी गई।
सभा की ओर से पारित प्रस्ताव में कहा गया कि वर्तमान में प्रदेश में कराए जा रहे पंचायती राज चुनावों में ग्राम पंचायत हाटकोट, ग्राम पंचायत कोठी के गांव कोठी 1, कोठी 2, पुलहाड़ा, ग्राम पंचायत कुनिहार के गांव ऊंचा गांव, तालाब, थावना, चाकलु, सैनी माजरा के हजारों मतदाताओं को मतदान से वंचित रखा जा रहा है। इससे उनके मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। सभा ने कहा कि संबंधित मतदाता पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मतदान का अवसर नहीं मिल पा रहा। सभा ने उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश से मांग की है कि प्रदेश सरकार को निर्देश जारी कर इन सभी मतदाताओं को पंचायत चुनाव में मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अपने मत का प्रयोग कर जनहित में कार्य करने वाले योग्य उम्मीदवार का चयन कर सकें। सभा के प्रधान धनीराम तंवर ने बताया कि इस प्रस्ताव की प्रतिलिपि अनिरुद्ध सिंह और राज्य चुनाव आयुक्त को भी भेजी गई है। बता दें कि कुनिहार पंचायत का दर्जा बढ़ाकर इसे नगर पंचायत बना दिया है। इस कारण यहां पर इस बार चुनाव नहीं करवाए जा रहे।
बैठक की अध्यक्षता सभा के प्रधान धनीराम तंवर ने की। बैठक में दीप राम ठाकुर, नागेंद्र ठाकुर, बलवीर चौधरी, बाबूराम तंवर, भागमल तंवर, देवी राम मेहता, संतराम ठाकुर, धर्म सिंह तंवर, ज्ञान ठाकुर, सोहनलाल ठाकुर, ज्ञान गर्ग, राजेंद्र सिंह, प्रेमराज चौधरी, अनिल वर्मा, राजेश तंवर, सनी राघव, ओम प्रकाश ठाकुर और मोहन सिंह चौधरी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।