कोटखाई के बस अड्डे में पांच दुकानें और एक कैंटीन आज तक नहीं हो सकी संचालित
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यात्रियों को चाय-नाश्ते और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए बाहर जाना पड़ रहा संवाद न्यूज एजेंसी कोटखाई (रोहड़ू)। कोटखाई में करीब पांच करोड़ की लागत से निर्मित दिवंगत नरेंद्र बरागटा बस अड्डा पांच वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बहुमंजिला भवन में बनी पांच दुकानें और एक कैंटीन आज तक संचालित नहीं हो सकी है। यहां रोजाना आने-जाने वाले लोगों को चाय-नाश्ते और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए बाहर जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बस अड्डे में व्यावसायिक इकाइयों के वर्षों तक बंद रहने पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि समय पर संचालन शुरू होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को लाभ होता। इससे रोजगार के अवसर भी सृजित होते। बस अड्डा परिसर से जुड़ी एक और गंभीर समस्या वर्ष 2023 में क्षतिग्रस्त हुए सुरक्षा डंगे की है। यह डंगा आज तक नहीं बनाया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खासकर, बरसात के मौसम में स्थिति अधिक चिंताजनक हो जाती है।
पिछले सप्ताह ही बस अड्डे की दुकानों का आवंटन किया गया है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही दुकानें और कैंटीन शुरू कर दी जाएंगी। इससे यात्रियों को जल्द राहत मिलेगी और उनकी परेशानी कम होगी। प्रकाश चौहान,
सरकार और प्रशासन के समक्ष उठाया मुद्दा
भाजपा मंडल जुब्बल-नावर-कोटखाई के पूर्व उपाध्यक्ष संदीप गांगटा ने कहा कि इस मुद्दे को कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में गंभीर नहीं रही है। गांगटा ने तत्काल दुकानों और कैंटीन का संचालन शुरू करने की मांग की। उन्होंने वर्ष 2023 से गिरे सुरक्षा डंगे को भी प्राथमिकता के आधार पर बनाने की बात कही, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।