रामपुर बुशहर। हिमाचल किसान सभा जिला इकाई शिमला की दो दिवसीय विस्तारित बैठक एवं संगठनात्मक शिविर में विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। शिविर में राज्य कमेटी अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर और राज्य उपाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे।
जिला अध्यक्ष सत्यवान पुंडीर ने कहा कि बैठक में किसान सभा के संघर्षों, आंदोलनों और संगठनात्मक प्रक्रियाओं का अवलोकन और समीक्षा की गई। पिछले वर्षों में किसान सभा की अगुवाई में लड़े जा रहे आंदोलनों से संगठन विकास को प्राथमिकता देने की जरूरत है। राज्य अध्यक्ष डॉ. तंवर ने कहा कि बीते पांच वर्षों में बड़े कारोबारियों की आमदनी में तो सैकड़ों गुणा इजाफा हुआ, लेकिन किसानों को फसलों के लाभकारी दाम नहीं मिल रहे हैं। किसानों को कृषि उत्पादों पर मिलने वाली रियायतों को खत्म कर दिया है।
एक अक्तूबर को नारकंडा में सेब के मुद्दे पर धरने में किसानसभा हिस्सा लेगी। 2 दिसबंर को प्रत्येक खंड में स्थानीय मुद्दों पर 24 घंटे धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। दत्तनगर में दूध के मुद्दे पर 6 खंडों के किसानों की ओर से, रोहड़ू अस्पताल में आ रही समस्याओं पर, ठियोग में बिजली, गैस, पानी और सार्वजनिक समस्याओं पर, कुसुम्पटी में सब्जियों और अन्य समस्याओं पर प्रदर्शन किए जाएंगे। 14 अक्तूबर को कालीबाड़ी में ग्रामीण महिलाओं का राज्य अधिवेशन और 15 को राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ग्रामीण महिलाओं के मुद्दों पर मांग पत्र सौंपा जाएगा। इस मौके पर जिला सचिव देवकी नंद, राजेंद्र चौहान, जय शिव ठाकुर, उषा देवी, कृष्ण प्रकाश नेगी, ओम प्रकाश, प्रेम चौहान, जगदीश, दयाल सिंह, दिनेश, हेमराज, मधु, राकेश, मोहर सिंह, नेक राम, हितेश, सुख देव, संजीव और डोला राम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।