ऊपर ढांक : नीचे खाई, बीच सड़क पर खतरे का सफर
ऊपर ढांक, नीचे गहरी खाई और बीच में गड्ढों से भरी संकरी नगान-श्वाड़-राणाबाग सड़क। इस खतरनाक सड़क पर रोज आनी की 15 पंचायतों समेत मंडी जिले के सराज और करसोग जाने वाले हजारों लोग हिचकोले खाते हुए जोखिमभरा सफर करने को मजबूर हैं। दो वर्ष से क्षेत्र की मुख्य सड़क की हालत खस्ताहाल है। करीब 13 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जबकि कई जगह सड़क बेहद संकरी है। सड़क के एक ओर ऊंची पहाड़ी और ढांक, जबकि दूसरी ओर गहरी खाई होने के कारण यहां वाहन चलाना जोखिमभरा बना हुआ है। क्षेत्र के पूर्व प्रधान राकेश कुमार, देवेंद्र कुमार, संदीप, दिनेश, संजय कायथ और अनूप सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क आनी की 15 पंचायतों के अलावा जिला मंडी के सराज और करसोग विधानसभा क्षेत्रों की जनता के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है।
इस सड़क से प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण जहां एक घंटे का सफर दो घंटे में पूरा हो रहा है, वहीं वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। बरसात और सड़क की खस्ताहाल स्थिति के चलते वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का भय बना रहता है। सड़क की समय पर मरम्मत नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि नगान-श्वाड़-राणाबाग सड़क की हालत सुधारने के लिए विशेष बजट या विशेष पैकेज उपलब्ध करवाया जाए, ताकि सड़क का निर्माण और मरम्मत कार्य जल्द पूरा हो सके।
शैलपुत्री मंदिर से आगे राणाबाग की ओर सड़क को जल्द पक्का किया जाएगा। नगान से शैलपुत्री मंदिर तक सड़क के लिए फिलहाल बजट उपलब्ध नहीं है, लेकिन विभाग इस संबंध में जल्द आवश्यक कदम उठाएगा।- मनीष, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग