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साढ़े तीन साल में विकास के क्षेत्र में पिछड़ा किन्नौर : सूरत नेगी

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बोले, तीनों विभागों में मंत्री जगत सिंह नेगी पूरी तरह रहे विफल
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। पूर्व प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता सूरत नेगी ने आरोप लगाया है कि मंत्री जगत सिंह नेगी के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में किन्नौर विकास के हर क्षेत्र में पिछड़ गया है और तीनों प्रमुख विभागों में मंत्री पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। रिकांगपिओ में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने प्रदेश सरकार और राजस्व, जनजातीय विकास एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास विभाग का बजट 140 करोड़ रुपये से घटाकर 72 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे जनजातीय क्षेत्रों के विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। राजस्व विभाग में भी किन्नौर को नौतोड़, आपदा राहत और अन्य सुविधाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसूचित क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत मिलने वाले बजट का लाभ किन्नौर को नहीं मिल रहा है और जनजातीय क्षेत्रों का पैसा अन्य क्षेत्रों में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने बागवानी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग की ओर से मिलने वाली सब्सिडी बंद कर दी गई है और पिछले छह माह से बागवानी केंद्रों में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण सेब सहित अन्य फसलों में विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैल रही हैं और बागवानों को बाजार से दोगुने दाम पर दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सूरत नेगी ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि सेब उत्पादक क्षेत्र से जुड़े मंत्री के नेतृत्व में बागवानी क्षेत्र को विशेष लाभ मिलेगा लेकिन इसके विपरीत बागवान आज सबसे अधिक परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री बैठकों और बयानबाजी तक सीमित हैं, जबकि जनता को विकास और सुविधाओं का कोई लाभ नहीं मिल रहा। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाले विशेष बजट का सही उपयोग नहीं किया जा रहा है और इस संबंध में मंत्री को जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से बागवानी विभाग में बंद की गई सब्सिडी को तत्काल बहाल करने और सभी बागवानी केंद्रों में आवश्यक दवाइयों की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
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