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Rampur Bushahar News: व्यवस्था में ही मोतियाबिंद, आंखों के ऑपरेशन के लिए भटक रहे मरीज

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चार जिलों के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान खनेरी अस्पताल में नहीं आखों के ऑपरेशन की सुविधा
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चार जिलों के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान खनेरी अस्पताल में नहीं आखों के ऑपरेशन की सुविधा
. अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के लिए ओटी सहित उपकरण उपलब्ध नहीं

. रामपुर, कुमारसैन, आनी, निरमंड, करसोग उपमंडलों सहित किन्नौर से आने वाले मरीजों को कर दिया जाता है रेफर
. आंखों के ऑपरेशन के लिए मरीज शिमला, सोलन, चंडीगढ़ सहित निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर

. अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ सिर्फ जांच करने तक ही सीमित
ईशिका गौतम
रामपुर बुशहर। रामपुर में आंखों के मरीजों को इंतजार है कि कब व्यवस्था का मोतियाबिंद हटेगा और स्वास्थ्य विभाग लोगों की तकलीफ समझेगा। आंखों के मरीजों को ऑपरेशन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। रामपुर के खनेरी स्थित चार जिलों के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन की सुविधा ही नहीं है। जबसे यह अस्पताल बना है, तबसे यहां आंखों का ऑपरेशन थियेटर (ओटी) ही नहीं है। खनेरी अस्पताल में शिमला जिले के उपमंडल रामपुर, कुमारसैन के मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा कुल्लू जिले के उपमंडल आनी, निरमंड, मंडी जिले के करसोग उपमंडल समेत किन्नौर जिले से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इन दुर्गम क्षेत्रों से यहां पहुंचने वाले आंखों के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा पूरी न मिलने पर भारी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। खनेरी अस्पताल में आंखों के मरीजों की जांच तो हो रही है, लेकिन ऑपरेशन करने की स्थिति में मरीज को रेफर कर दिया जाता है। आंखों के ऑपरेशन के लिए मरीजों को शिमला, सोलन, चंडीगढ़ या रामपुर क्षेत्र में निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे मरीजों को भारी-भरकम राशि खर्च करनी पड़ती है। खनेरी अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के लिए न ओटी और न ही आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था है। खनेरी अस्पताल में एक नेत्र रोग विशेषज्ञ तैनात हैं, लेकिन उपकरण और ओटी न होने के कारण वह भी मरीजों की जांच करने तक ही सीमित हैं। नेत्र रोगियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कुर्सी, लेजर टेक्नोलॉजी, स्केलपेल, ब्लेड, कैंची, फोरसेप्स, सर्जिकल माइक्रोस्कोप, लेजर, टेबल और आईओएल सहित अन्य आधुनिक उपकरणों की कमी है।
आंखों के ऑपरेशन किए जाएं शुरू
अस्पताल में आंखों का उपचार करवाने जा चुके यशोदा, योगिता, तारा चंद, श्याम और हरी नंद ने कहा कि खनेरी अस्पताल में आंखों ऑपरेशन नहीं होते हैं। इस कारण उन्हें शिमला और चंडीगढ़ जाना पड़ा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि खनेरी अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन शुरू किए जाएं, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
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नहीं हो रहे ऑपरेशन
खनेरी अस्पताल में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय नेगी ने बताया कि अस्पताल में आधुनिक उपकरण और ओटी नहीं होने के कारण नेत्र रोगियों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है।
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उपकरणों के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को नेत्र रोगियों के उपचार के लिए आधुनिक उपकरण और आवश्यक सामग्री के बारे में समय-समय पर अवगत करवाया जा रहा है। अस्पताल में विशेष शिविर के दौरान ही नेत्र के ऑपरेशन किए जाते हैं। - डॉ. रोशन कौंडल, चिकित्सा अधीक्षक, खनेरी अस्पताल
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