चौपाल (रोहड़ू)। ऐतिहासिक प्राचीन शिरगुल मंदिर धनला की शांत को लेकर रविवार को 14 गांव के ग्रामीणों ने अहम बैठक मंदिर परिसर में की। बैठक में निर्णय लिया कि मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद होने वाले शांत यज्ञ के लिए 17 जून को करडू चढ़ाया जाएगा। शिरगुल मंदिर चार सौ साल पुराना है। शिमला जिले के ऊपरी क्षेत्र नेरवा और चौपाल के लोग यहां भेड़-बकरी चुगाने आते हैं। बताया जाता है कि राक्षसों और आसुरी शक्तियों से बचने के लिए वो अपने इष्ट देवता शिरगुल और बिजट महाराज को यहां लेकर आए थे। धनला मंदिर के भंडारी मित्तर सिंह ने बताया कि मंदिर का हाल ही में जीर्णोद्धार किया गया है। इस मंदिर में देवता प्रवेश से पहले धार्मिक अनुष्ठान शांत का आयोजन होना है। इसके लिए यह बैठक हुई। 17 जून को मंदिर पर करडू चढ़ेगा।