11 पंचायतों के ग्रामीण और सेना के जवानों की बढ़ सकती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। देश की सीमा को जोड़ने वाली कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क कभी यातायात के लिए कट सकती है। कड़छम डैम के पास बुधवार रात को भूस्खलन होने के कारण सड़क का करीब 50 मीटर हिस्सा धंस गया है। अब इस सड़क से वाहनों की आवाजाही वनवे हो रही है। यदि भूस्खलन का सिलसिला बढ़ा, तो देश की सीमा का सड़क संपर्क कट सकता है। ऐसे में सांगला वैली की 11 पंचायतों के ग्रामीण और देश की सीमा पर तैनात सेना के जवानों की परेशानी बढ़ सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से सुरक्षा कार्यों को जल्द शुरू कर राहत की मांग उठाई है। बुधवार देर रात अचानक भूस्खलन के कारण सड़क का हिस्सा डेम के पानी में समा गया। यदि समय रहते क्षतिग्रस्त सड़क का मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो देश की सीमा को जोड़ने वाली यह सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो सकती है। इस सड़क से सांगला तहसील की 11 पंचायतों के ग्रामीणों के अलावा आईटीबीपी, भारतीय सेना के जवान और देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक रोजाना सफर करते हैं। ऐसे में यदि यहां यातायात अवरुद्ध होता है, तो हजारों लोगों की समस्याएं बढ़ेंगी। सांगला की प्रधान देव सांकी नेगी, बटसेरी के प्रधान प्रदीप नेगी, शौंग की प्रधान रामप्यारी नेगी, व्यापार मंडल सांगला के अध्यक्ष भूपेश नेगी, उपाध्यक्ष किशोरी नेगी, कामरू के उप प्रधान विजेंद्र नेगी, सांगला के उप प्रधान लोकेश नेगी ने क्षतिग्रस्त सड़क पर जल्द मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग उठाई है।
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क पर जेएसडब्ल्यू परियोजना जल्द ही कार्य शुरू करेगी। असुरक्षित सड़क को जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा।