ज्यूरी(रामपुर बुशहर)। प्रदेश सरकार ने बजट में पशुपालन विभाग के ज्यूरी स्थित भेड़ प्रजनन केंद्र को चारा बैंक उत्पादन केंद्र विकसित करने का एलान किया है। ज्यूरी भेड़ प्रजनन केंद्र की सुध लेने के बाद अब इसका विकास होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। बेकार पड़ी करीब तीन हजार बीघा जमीन को चारे के लिए विकसित किया जाएगा और पशुओं के लिए चारे का प्रावधान किया जाएगा। वर्तमान में यहां करीब सात सौ भेड़ें रखी गई हैं।
1970 के दशक में प्रदेश के पहले फार्म में पशुधन के विकास के लिए शुरू की गई सारी योजनाएं सिमटने लगी थीं। यहां 70 के दशक में रेम्बुले, पुलवर्थ, बुशहरी, अंगोरा गोट सहित करीब आधा दर्जन नस्ल की भेड़-बकरियां, मिल्क प्लांट, डेयरी डेमोस्ट्रेशन यूनिट, हेचरी और बुल सेंटर हुआ करते थे, परंतु वर्तमान में यहां ये सभी पशुधन को बढ़ावा देने वाले कार्य बंद हो चुके हैं। यहां मात्र भेड़ प्रजनन केंद्र रह गया, जहां पर रेम्बुले सहित एक दो नस्ल की भेड़ें हैं।
इन सारी गतिविधियों के लिए ज्यूरी में पशुपालन विभाग की करीब तीन हजार बीघा जमीन बंजर पड़ी हुई है। इस जमीन को भेड़ों की चरागाह के रूप में ही प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा इस बेकार पड़ी जमीन में चारा सेंटर बनाने की योजना शुरू होने से इस फार्म का विकास होगा। रामपुर ब्लॉक समिति उपाध्यक्ष रूपेश्वर और ज्यूरी पंचायत प्रधान ताम्पा देवी ने ज्यूरी के भेड़ प्रजनन केंद्र को विकसित करने के लिए सरकार का धन्यवाद करते किया है। उन्होंने बताया कि इससे ज्यूरी क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों में पशुधन को बढ़ावा मिलेगा।