अतिरिक्त जिला एंव सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) किन्नौर की अदालत ने सुनाया फैसला
पीड़िता के गर्भवती होने के बाद हुआ था मामले का खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। मानसिक रूप से कमजोर लड़की से दुष्कर्म करने के दोषी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एंव सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) किन्नौर की अदालत ने दोषी केशव राम निवासी गांह शाह डाकघर दोफदा तहसील रामपुर जिला शिमला को आईपीसी 376 (2) (I) में 10 साल कठोर कारावास और 2,000 रुपये जुर्माना, आईपीसी 506 में दो साल साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 23 साल की पीड़िता बचपन से अपनी नानी के पास रहती थी और मानसिक रूप से बीमार है। 20 सितंबर 2023 को पीड़िता की मां को उसका पेट कुछ बढ़ा हुआ दिखाई दिया। पूछने पर पीड़िता ने बताया कि छह महीने पहले जब घर का सामान लेने के लिए दुकान जाती थी तो रास्ते में आरोपी जबरदस्ती पकड़कर उसे नाले में ले जाता था, जहां डराकर कई बार दुष्कर्म किया। मां पीड़िता को अस्पताल ले गई, जहां वह छह माह की गर्भवती पाई गई। बच्चे को बाद में पीड़िता ने जन्म दिया। पीड़िता बच्चे को अभी भी पाल रही है। पीड़िता की मां ने थाना झाकड़ी में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
ट्रायल के दौरान 21 गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए गए। एक प्रतिवादी गवाह का साक्ष्य दर्ज किया गया। सभी साक्षियों, प्रतिवादी साक्षी, एसएफएसएल रिजल्ट और विशेष लोक अभियोजक की ओर से प्रस्तुत की गई दलीलों के आधार पर अदालत ने एक मानसिक रूप से बीमार लड़की के साथ दुष्कर्म करने के आरोप सही पाए और दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई । सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।