संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल(रोहडू)। नेरवा में किए गए प्रदर्शन में शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज करने को करणी सेना ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश खुरांटा ने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर हिंदू संगठनों द्वारा प्रदेश की अवैध मस्जिदों के विरोधस्वरूप नेरवा में एक शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया गया था। इसमें शामिल हिन्दू नेताओं सहित कुछ स्थानीय युवाओं पर मामले दर्ज करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार सनातनी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, जोकि देवभूमि के लिए शर्मसार करने वाली बात है। उन्होंने कहा कि अपने धर्म और सनातन की सुरक्षा के लिए आवाज उठाना यदि गुनाह है तो वह यह गुनाह बार-बार करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। किसी भी अंजाम की परवाह किये बिना भविष्य में भी वह प्रदेश स्तर पर सनातन और हिन्दू धर्म की लड़ाई को इसी तरह से जारी रखेंगे। उल्लेखनीय है कि इस प्रदर्शन के बाद राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश खुरांटा, हिन्दू जागरण मंच के पूर्व महामंत्री कमल गौतम, युवा हिंदू नेता रोहित श्टाईक, सोम दत्त, रमन व प्रदीप पर एक समुदाय विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर नेरवा थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। करणी सेना के पदाधिकारी लोकिंद्र चौहान, सुरेंदर बेस्टा, उषा चौहान, रिट्टू बेस्टा, सन्नी शर्मा, राज पाल, प्रवेश नेगी, चिंटू सेन्ड्रिक, निखिल ज़िंटा और अमित शर्मा ने मुकेश खुरांटा सहित अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज किए जाने पर रोष ज़ाहिर किया है।