मिड-डे मील योजना को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश
स्कूल प्रमुख नियमित रूप से रसोई की जांच कर मानक रिपोर्ट विभाग को भेजेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। स्कूलों में चल रही मिड-डे मील योजना के प्रभावी और सुरक्षित संचालन को लेकर सभी एमडीएम इंचार्ज एवं कुक-कम-हेल्पर्स को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग ने कहा है कि बच्चों को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। एमडीएम जिला नोडल अधिकारी राजकुमार पराशर ने बताया कि जारी निर्देशों में कहा गया है कि भोजन तैयार करने और परोसने में स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। रसोईघर एवं भोजन बनाने वाले बर्तनों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा खाद्य सामग्री केवल बंद एवं सुरक्षित बर्तनों में ही रखी जाए। विभाग ने मिड-डे मील योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता, डेटा में हेरफेर या संसाधनों के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। स्कूलों को विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के साथ पारदर्शिता बनाए रखने और शिकायतों का तुरंत समाधान करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्कूल प्रमुख नियमित रूप से रसोईघर और भोजन व्यवस्था का निरीक्षण करेंगे तथा निर्धारित मानकों के पालन की रिपोर्ट भेजेंगे। इसके अलावा एमडीएम योजना के तहत प्रतिदिन भोजन ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या का एसएमएस एएमएस पोर्टल पर समय पर भेजना अनिवार्य किया गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर दो वर्ष बाद एमडीएम इंचार्ज का रोटेशन किया जाए। स्कूलों में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संपर्क नंबर एवं चिकित्सा सुविधाओं की सूची उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है ताकि योजना में पारदर्शिता और विश्वास बना रहे। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में सरकारी स्कूलों में तैयार भोजन के रैंडम सैंपल भी जांच के लिए लिए जा सकते हैं।
कड़ाई से करें निर्देशों की पालना
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा जिला सोलन कुमारी रीता गुप्ता ने सभी स्कूल प्रमुखों से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।