मांगे पूरी नहीं की तो रामपुर में आंदोलन को किया जाएगा और तेज : एबीवीपी
. रामपुर कॉलेज में भरे जाने थे 12 शिक्षकों के पद, सरकार ने रद्द की अधिसूचना : रवि
. रिक्त पदों और फुटपाथ की मांग को लेकर एबीवीपी ने सरकार पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर महाविद्यालय में 12 पद भरे जाने थे, लेकिन 17 सितंबर 2026 को प्रदेश सरकार की उक्त अधिसूचना को रद्द कर दिया गया। इसके बाद इन 12 पदों को भरने की प्रक्रिया भी रोक दी गई। 2 जून 2026 को प्रदेश सरकार की जारी अधिसूचना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों के रिक्त पदों को भरने और पदों में वृद्धि करने का प्रावधान किया गया था। यह जानकारी विभाग संयोजक रवि वर्मा ने दी। रवि वर्मा ने कहा कि रामपुर कॉलेज में लंबे समय से विभिन्न शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। इस कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। प्रदेश के कई महाविद्यालय और विद्यालय आज भी शिक्षकों की कमी के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रहे हैं। विद्यार्थी परिषद पिछले तीन से चार वर्षों से पुराने बस स्टैंड से रामपुर महाविद्यालय के मुख्य द्वार तक सुरक्षित फुटपाथ की मांग कर रही है। रामपुर महाविद्यालय में चार जिलों से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। साथ ही बड़ी संख्या में लोग अपनी आवश्यकताओं के लिए रामपुर पहुंचते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों और आम जनता की सुरक्षा के लिए सुरक्षित पैदल पथ आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने इस मांग को लेकर कई बार प्रदेश सरकार, प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिषद ने प्रदेश सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रामपुर महाविद्यालय के रिक्त पदों को भरने संबंधी अधिसूचना को पुनः बहाल नहीं किया गया और पुराने बस स्टैंड से रामपुर महाविद्यालय तक सुरक्षित फुटपाथ की मांग को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो विद्यार्थी परिषद प्रदेशभर और रामपुर में आंदोलन को तेज करेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी।