रिकांगपिओ(किन्नौर)। जिला किन्नौर से 30 ग्रामीण रूटों पर बसें चलेगी। इसके अलावा जिले से बाहर 11 बस रूटों के लिए सेवाएं बहाल होंगी। जिनमें रिकांगपिओ-शिमला, निचार-नालागढ़, रिब्बा-चंडीगढ़, लिप्पा-सोलन, ठंगी-धर्मशाला, मूरंग-हरिद्वार बस सेवाएं केवल शिमला तक ही चल सकेंगी।
पूह-शिमला, रोपा-शिमला यह बस केवल रामपुर तक ही चलाई जा रही है। काफनू-चंडीगढ़ बस को परवाणू तक ही चलाया जाएगा। सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशनुसार एक बस में 60 फीसदी सवारी ही बैठाई जाएगी। पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ डिपो के पास 37 सीटर बस होने पर कुल 22 सवारी ही एक बस में बैठ पाएंगी। आरएम अजेंद्र चौधरी ने रविवार को रिकांगपिओ क्षेत्रीय बस अड्डे पर चालकों और परिचालकों को सरकार के दिशानिर्देशों और सावधानियों से अवगत करवाया। चालक-परिचालकों को मास्क, दस्ताने सैनिटाइजर, साबुन, फेस कवर वितरित किए गए।
अड्डा प्रभारी सुजान सिंह ने बताया कि सभी बस कंडक्टरों द्वारा प्रवेश द्वार के साथ सीट पर बैठकर उचित दूरी रखते हुए किराया लिया जाएगा। सवारियों को दूसरे दरवाजे से उतारने के लिए कहा गया है। क्षेत्रीय पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के आरएम अजेंद्र चौधरी ने कहा कि किन्नौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों और 30 ग्रामीण रूटों और जिले से बाहर 11 रूटों से एक जून से शुरू किया जा रहा है। जिसमें केवल 60 फीसदी सवारियों को बिठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण रूटों में बस ठहराव और खाने पीने की व्यवस्था के लिए स्थानीय ग्राम पंचायतों के प्रधानों से संपर्क किया गया है। इस दौरान रिकांगपिओ डिपो की सभी बसों को सैनिटाइज किया गया। ड्यूटी पर जाने से पहले सभी चालक परिचालकों की मेडिकल टेस्ट सर्टिफिकेट दिखाना होगा तभी उन्हें ड्यूटी पर भेजा जाएगा।