संवाद न्यूज एजेंसी रोहड़ू।
हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के रोहड़ू केंद्र में स्प्रे ऑयल पूरी तरह खत्म हो चुका है। खाद, उपकरण और अन्य बागवानी सामग्री के लिए भी बागवानों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। रोजाना केंद्र में पहुंचने वाले बागवानों को मायूस लौटना पड़ रहा है। वहीं, पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए एचपीएमसी प्रबंधन ने अब टोकन व्यवस्था लागू कर दी है। विभाग के अनुसार अब केवल उन्हीं बागवानों को सामग्री दी जाएगी, जिनके पास टोकन होगा। साथ ही टोकन धारकों को भी कार्यालय की ओर से पूर्व सूचना दिए जाने के बाद सामान उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे पहले अव्यवस्था के कारण लोगों की भीड़ के पहुंचने से हालात बेकाबू होने लगे थे। शुक्रवार को एचपीएमसी रोहड़ू कार्यालय में भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। स्प्रे ऑयल और अन्य सामग्री की मांग को लेकर बागवानों ने लाइनें तोड़ दीं और कार्यालय के भीतर घुस गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद बागवानों को समझाकर हालात पर काबू पाया। इस घटना के बाद विभाग ने भीड़ प्रबंधन को लेकर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। एचपीएमसी के प्रबंधक संयज वर्मा का कहना है कि स्प्रे ऑयल सहित अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति क्रमवार तरीके से की जाएगी। जैसे-जैसे खेप केंद्र में पहुंचेगी, उसी आधार पर टोकन धारकों को वितरण किया जाएगा। विभाग ने बागवानों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाएं। वहीं, बागवानों का कहना है कि इस समय सेब के बगीचों में स्प्रे ऑयल और खाद की अत्यधिक आवश्यकता होती है। यदि समय पर सामग्री नहीं मिली तो फसल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। बागवानों ने मांग की है कि एचपीएमसी रोहड़ू केंद्र में जल्द पर्याप्त मात्रा में स्प्रे ऑयल और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करवाया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी अव्यवस्था की स्थिति न बने।
एचपीएमसी के रोहडू कार्यालय के बाहर शनिवार को सामान खत्म होने के बाद पसरा सन्नाटा। संवाद