स्कूल जाने वाले पांच बच्चों की किताबें भी जलीं, सामुदायिक भवन में लिया आसरा
गांव की सड़क क्षतिग्रस्त होने से छोटे फायर टेंडर को मौके पर पहुंचने में हुई देरी
आग बुझाने के लिए फायर बिग्रेड का 250 लीटर फोम भी रहा नाकाफी
सुनील ग्रोवर
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग की क्यार पंचायत के नमाणा गांव में भीषण अग्निकांड पांच परिवारों को गहरे जख्म दे गया है। इस घटना से पांच परिवारों के 24 सदस्य बेघर हो गए हैं। इन सदस्यों के पास शरीर पर पहने कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा है। इन परिवारों के स्कूल जाने वाले पांच बच्चों की किताबें तक जल गईं। बेघर हुए परिवारों को गांव के ही सामुदायिक भवन में आसरा दिया गया है। ग्रामीणों की सहायता से राशन, खाना बनाने के लिए बर्तन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासन की ओर से ठंड से बचने के लिए कंबल दिए गए हैं। इस साल की सर्दियां यह परिवार इसी सामुदायिक भवन में परेशानियों के बीच गुजारने के लिए मजबूर हो चुके हैं। वहीं, आग से हुए नुकसान को कम भी किया जा सकता था, यदि सरकारी स्तर की व्यवस्थाएं दुरुस्त होंती। गांव को जाने वाली सड़क दमकल विभाग के बड़े फायर टेंडर के अनुसार चौड़ी नहीं थी। इसके बाद शिमला से 2500 लीटर पानी वाला छोटा टेंडर मंगवाया गया, लेकिन वह भी गांव की क्षतिग्रस्त सड़क के कारण समय पर नहीं पहुंच पाया। पंचायत उपप्रधान नरेश शर्मा के अनुसार गांव को जाने वाली सड़क बरसात में कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बजट के अभाव में मरम्मत नहीं हो पाई है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से शिमला से मंगवाया गया 2500 लीटर का छोटा फायर टेंडर भी मौके पर समय पर नहीं पहुंच पाया। दूसरे गांव की सड़क से मौके पर पहुंचना पड़ा, जिससे देरी हुई। दूसरी ओर फायर बिग्रेड का कोटखाई से 250 लीटर फोम वाली गाड़ी भी पहुंची, लेकिन आग इतनी भयंकर थी यह फोम भी नाकाफी साबित हुआ। तीन सगे भाइयों बालक राम, संतराम और लायक राम पुत्र झरिया, दो सगे भाइयों हरि राम और रति राम पुत्र बुद्धि राम के मकानों के साथ जीवन भर की पूंजी जल गई। यह परिवार वित्तीय रूप से मध्यम वर्गीय हैं। परिवार बागवानी और किसानी से गुजारा करते हैं। कुछ सदस्य निजी व्यवसाय भी करते हैं। इन्हें दोबारा से घर बनाने में खासी मशक्कत करनी होगी। सरकार से भी मदद की आस है। पीड़ित संतराम ने तीन माह पहले ही बेटे की शादी के लिए घर का काम कराया था। अन्य परिवारों ने भी घर बनाने के लिए जीवन भर की पूंजी लगा दी थी, लेकिन पल भर में सब राख हो गया।