जल कर नष्ट हुआ तीन मंजिला मकान।
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आनी (कुल्लू)। आऊटर सिराज की निरमंड निरमंड तहसील की निशानी पंचायत के सुनैर गांव में सोमवार को जब सूरज उदय ही होने वाला था, तो दो परिवारों ने यह कभी नहीं सोचा था कि दिन शुरू होते ही उनका पुश्तैनी मकान यूं ही राख के ढेर में बदल जाएगा।
सोमवार सुबह अग्निकांड से एक तरफ जहां दोनों परिवारों के घर आग की लपटों के हवाले हो रहे थे तो दूसरी तरफ परिवार के हर सदस्य की आंखों में पुरानी यादें जैसे उनके आंखों के सामने जलती हुईं तबदील होती दिखाई दे रही थीं। बेबसी और आंसुओं में सिमटी यादें अब राख के ढेर में तबदील हो चुकी थी। दोनों परिवारों का भविष्य जैसे थम सा गया था। दोनों परिवारों के पास पुश्तैनी मकान के अलावा अब कड़कड़ाती ठंड में कुछ और नहीं बचा। अब बची हैं तो सिर्फ यादें और लोगों की हमदर्दी। ऐसे में निशानी पंचायत मदद को आगे आई। दोनों बेघर परिवारों को रहने के लिए फिलहाल छत दे दी गई। प्रभावित परिवार अब सरकार की ओर मदद की आस लगाए हैं।
निशानी की प्रधान सरीता शर्मा का कहना है कि उनके पंचायत मुख्यालय में दो कमरे, एक हॉल और शौचालय की है। इसे वे बेघर परिवारों को रहने के लिए देंगे। उन्होंने कहा की दलीप बीपीएल परिवार से है, जबकि मनमोहन भी गरीब परिवार से है। प्रधान ने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूह, ग्रामीणों, महिला मंडलों की तरफ से प्रभावित परिवारों को मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई है।