बूचड़खाने में बकरों के मीट में ट्यूबर किलोक्सिस, ब्रूसेला, हाईडैटिड सिस्ट और लिमफोइड लिकोसिस जैसे रोग के लक्षण मिले हैं, जो किसी भी व्यक्ति को गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं। बकरों के लीवर, विभिन्न अंगों और बोन टीबी संक्रमण से ग्रसित पाए गए। इनमेंं से 60 से 70 फीसदी रोग मनुष्य में फैलने का खतरा रहता है। निरीक्षण के बाद पशु पालन विभाग रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है। यह रिपोर्ट जल्द ही एसडीएम रामपुर और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को सौंपी जाएगी। चिकित्सकों ने कटे हुए छह बकरों को फिनाइल डालकर नगर परिषद को यहां से हटाने को कहा। पशु चिकित्सकों ने मीट के सैंपल भरे, जिनकी जांच की जाएगी। वहीं, मीट विक्रेताओं ने विभागीय कार्रवाई का रोष जताया और बकरे के शरीर के जिस भाग में बीमारी के लक्षण हैं, उसे ही हटाने की मांग की है।
मीट मार्केट में बकरे काटने, सफाई और ड्रेसिंग के लिए अलग-अलग स्थान सुनिश्चित किए जाने चाहिए। इस बारे में नगर परिषद और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को भी उचित निर्देश दिए जाएंगे। - हर्ष अमरेंद्र सिंह, एसडीएम
रामपुर की मीट मार्केट में कटे हुए बकरों के शरीर के विभिन्न भागों में संक्रमण पाया गया, जिसकी अन्य पशु चिकित्सक से क्रॉस वेरीफाई करवाया गया। सैंपल एकत्रित किए गए हैं, जिनकी जांच के बाद रिपोर्ट एसडीएम और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को भेजी जाएगी। - डॉ. अनिल शर्मा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग