कुमारसैन की कई पंचायतों में ओलावृष्टि ने बरपाया कहर। संवाद
कुमारसैन में भारी ओलावृष्टि, फूल जमीन पर गिरे, बगीचों में बिछी सफेद चादर
कुमारसैन तहसील में भारी ओलावृष्टि, फूल जमीन पर गिरे, बगीचों में बिछी सफेद चादर
. करीब आधा घंटे तक हुई ओलावृष्टि ने बागवानों की तोड़ी कमर
. सेब की फसल को भारी नुकसान, आकलन की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। तहसील कुमारसैन की अधिकांश पंचायतों में शनिवार को भारी ओलावृष्टि हुई। सेब के बगीचों में फ्लॉवरिंग का दौर चल रहा है, जिसे बागवानी के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। ऐसे में अचानक हुई तेज ओलावृष्टि ने सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर बगीचों में फूल और नई कोंपलें झड़ गई हैं। सेब के पेड़ों से जमीन पर फूल गिर गए हैं, जिससे बगीचों में निराशा के बादल छा गए हैं। शनिवार को दोपहर के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। करीब आधे घंटे तक लगातार गिरे ओलों ने बगीचों और खेतों को सफेद चादर से ढक दिया। जंजैली, जार, करेवथी, मलैंडी, कांगल, मोगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि का असर ज्यादा देखने को मिला। कई जगह जमीन पर ओलों की मोटी परत जम गई, जिससे बगीचों में खिले सेब के फूल और नाजुक टहनियां टूटकर गिर गईं। बागवानों राजेश कुमार, शिव राम, सत्य पाल और रणवीर ने कहा कि सेब के पेड़ों में फ्लॉवरिंग का दौर चल रहा है। यही समय होता है, जब फल बनने की प्रक्रिया शुरू होती है, लेकिन भारी ओलावृष्टि के कारण पेड़ों से बड़ी मात्रा में फूल गिर गए हैं। इससे इस वर्ष उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। कई बागवानों ने बताया कि ओलों की मार से पेड़ों की नई पत्तियां और टहनियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। बागवानों के अनुसार कभी बेमौसम बारिश, कभी तेज आंधी और कभी ओलावृष्टि के कारण सेब की फसल को नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस बार भी ठीक फ्लॉवरिंग के समय हुई ओलावृष्टि ने बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बागवानों ने सरकार और बागवानी विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे करवाकर नुकसान का आकलन किया जाए। बागवानों को उचित मुआवजा दिया जाए और केसीसी ऋण माफ किया जाए।